
साइलेंट किलर है डायबिटीज, ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
भोपाल. खानपान में आए बदलाव और गड़बड़ रूटिन के कारण लोगों के शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ती जा रही है, लंबे समय तक ध्यान नहीं देने के कारण वह समस्या हमेशा के लिए घर कर जाती है, डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसे समय रहते कंट्रोल नहीं करने पर वह साइलेंट किलर की तरह व्यक्ति के शरीर को दिन ब दिन खोखला करती जाती है, ऐसे में अगर आपको भी डायबिटीज के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं। क्योंकि ये ऐसी बीमारी है जो शरीर में कई बीमारियों को पैदा करने के साथ ही हार्ट अटैक का कारण भी बन जाती है।
मध्यप्रदेश में शुगर कंट्रोल करने ये कर रहे लोग
14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जा रहा है, इस अवसर पर हम आपको बता रहें है कि मध्यप्रदेश में लोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए कई जतन कर रहे हैं, वे सुबह शाम टहलने के अलावा हल्की एक्सरसाइज और योगा को भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं, अगर आपको भी डायबिटीज की समस्या है, तो आप भी चिकित्सक या योग गुरु के मार्गदर्शन में ही शुगर को कंट्रोल करें, ताकि आपको किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए।
एक समय था जब डायबिटीज अधिक उम्र वाले लोगों को ही होती थी, क्योंकि युवा अवस्था में लोग अत्यधिक श्रम किया करते थे, इस कारण उनके शरीर में बनने वाली शुगर खत्म हो जाती थी, लेकिन अब मशीनी युग के कारण लोगों ने श्रम करना छोड़ दिया है, लोग दिन भर टीवी, मोबाइल और अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि वे न तो अधिक चल फिर पाते हैं और न ही वे एक्सरसाइज भी समय पर कर पाते हैं, ऊपर से खान पान में भी काफी बदलाव आ गया है, इस कारण लोगों के शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, पहले की अपेक्षा अब ३० साल की उम्र से अधिक लोगों में ही शुगर बढऩे की समस्या आने लगी है, ऐसे में अगर आपके शरीर में इस प्रकार के कुछ लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत आप डॉक्टर से सलाह लें।
डायबिटीज के लक्षण
-प्यास अधिक लगना।
-पेशाब अधिक आना।
-रात में बार बार उठकर पेशाब जाना।
-थकान रहना।
-कमजोरी आना, वजन कम होना।
-चिड़चिड़ापन होना।
-भूख अधिक लगना।
-घुटनों सहित अन्य जोड़ों में दर्द होना
-शरीर कमजोर होना।
हार्ट, आंखों और गुर्दों को करती है डेमेज
डायबिटीज व्यक्ति के शरीर को कमजोर कर देती है, वह अपने आप को हर समय थका हुआ महसूस करती है, डायबिटीज को समय पर कंट्रोल नहीं करने पर वह हार्ट और ब्लड प्रेशर पर भी असर करने लगती है, इससे गुर्दे और आंखों की रोशनी प्रभावित होने के साथ ही लकवे की समस्या की भी संभावना हो जाती है।
इतना होना चाहिए व्यक्ति के शरीर में शुगर लेवल
खाली पेट शुगर-110 के अंदर
खाने के बाद शुगर-140 के अंदर
कैलोरी खर्च नहीं होने से बढ़ती है शुगर
वर्तमान में मानव के जीवन में परिश्रम काफी कम हो गया है। अत्यधिक कार्य मशीनों के भरोसे होने के कारण लोग श्रम करना ही भूल गए हैं। ऐसे में व्यक्ति जो खाता पीता है उसकी कैलोरी भी खर्च नहीं हो पाती है। ऐसे में शरीर में दिनों दिन शुगर की मात्रा बढ़ती जाती है। वहीं दूसरी ओर लोग फास्ट फूड, पाऊच पेकिंग खाद्य सामग्रियों का भी अत्यधिक उपभोग करने लगे हैं। जिससे ओबेसिटी बढ़ जाती है। जो
डॉक्टर की सलाह से करें ये बदलाव
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज हो गई है, तो वह सबसे पहले चिकित्सक को दिखाए, उसके बताए अनुसार दवाईयां लें, ताकि शुगर को कंट्रोल किया जा सके, शुगर कंट्रोल होन के बाद भी चिकित्सक से परामर्श लेते रहें, ताकि फिर से शुगर लेवल नहीं बढ़े, खानपान में बदलाव भी डॉक्टर की सलाह अनुसार करें।
Published on:
13 Nov 2022 03:47 pm
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