लखनऊ के इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ टाक्सकोलॉजी रिसर्च के अनुसार बाजार में उपलब्ध चांदी के वर्क में निकेल, लेड, क्रोमियम और कैडमियम बहुतायत मात्रा में पाया जाता है। इसको खाने से कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। यह लिवर, किडनी और गले को बुरी तरह डैमेज कर देता है। फूड रेगुलेटरी ऑथोरिटी के अनुसार, चांदी के वर्क में 99.9 प्रतिशत चांदी होनी चाहिए। लेकिन बाजार में मिलने वाली मिठाईयों में चांदी की मात्रा न के बराबर है।