21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूरी रात दीवार में सिर मारता रहा PM मोदी को धमकी देने वाला ये आतंकी

ये वही डॉ. अबू फैजल है जिसने भोपाल की जिला अदालत में पिछले साल मई में तालिबान के समर्थन और नरेंद्र मोदी के खिलाफ  नारे लगाए गए थे। 

2 min read
Google source verification

image

Anwar Khan

Nov 02, 2016

abu faisal

abu faisal


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद उम्रकैद की सजा भुगत रहा सिमी आतंकी अबू फैजल अपने साथियों का एनकाउंटर होने जाने के बाद इतना गुस्से में था कि वो सोमवार की पूरी रात कई बार अपना सिर दीवार में मारता दिखा।

सेंट्रल जेल के सूत्रों ने बताया कि जेल के खंड अ में कैद डॉ. अबू फैजल को जैसे ही सिमी के 8 आतंकियों के एनकाउंटर की खबर मिली, तो उसे यकींन नहीं हुआ। जब उसे अन्य साथियों ने बताया कि जेल से भागे साथी मारे गए हैं तो वह विफर पड़ा। करीब तीन मिनट तक वह गाली बकता रहा। उसने दीवार पर अपना माथा पटक दिया। वह गालियां देता रहा। सोमवार देररात तक कई बार गुस्से में फैजल ने अपना सिर दीवार में मारा।




ये वही डॉ. अबू फैजल है जिसने भोपाल की जिला अदालत में पिछले साल मई में तालिबान के समर्थन और नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए थे। प्रधानमंत्री की हत्या की धमकी के बाद से ही सिमी आतंकियों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाती थी। फैजल वही शख्स है, जिससे पटना में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान उन्हें निशाना बनाने के लिए हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी को करीब पांच लाख रुपए दिए थे।




जेल प्रहरी मुश्किल में कर पाए काबू
सूत्रों ने बताया कि तुरंत ही उसे जेल प्रहरियों ने काबू में किया गया। वह चीख-चीख कर कहता रहा कि साथियों की शहादत वह व्यर्थ नहीं जाने देगा। सूत्रों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम में जांच एजेंसियां अबू फैजल से आगे पूछताछ कर सकती हैं। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही कि सिमी का प्रदेश में अब जो भी मूवमेंट होता है उसे अबू फैजल को पूरी जानकारी दी जाती है। अबू फैजल को पिछले साल ही सजा सुनाई गई थी। आपको बता दें कि अबू मूलत: मुंबई का रहने वाला है और ये इंदौर के गुजराती कॉलेज से बीएचएमएस की पढ़ाई कर रहा था।




जवाब नहीं दे पाई पुलिस
शाम को पुलिस कंट्रोल रूम में आईजी योगेश चौधरी ने प्रेस वार्ता ली, लेकिन आतंकी कैसे भागे। मददगार कौन है। इसके जवाबों में वे उलझ गए। उन्होंने कहाकि गांधी नगर थाना पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। एक में फरियादी प्रहरी चंदन सिंह की शिकायत पर मारे गए आतंकियों के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा डालने और दूसरे मामले में आतंकियों द्वारा जबावी फायरिंग के बाद मुठभेड़ में मारे गए मामले सेल्फ डिफेंस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

ये भी पढ़ें

image

ये भी पढ़ें

image