16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहली कुर्सी से चौथी कुर्सी पर पहुंच गए पूर्व सीएम शिवराज, जानें क्यों

mp Assembly news-मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस दिन नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण का दिन था। इस दौरान विधानसभा में बैठक व्यवस्था जो की थी वो चर्चाओं में रही।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Dec 18, 2023

shivraj.png

,,


एक सप्ताह पहले तक शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) विधानसभा की पहली कुर्सी पर बैठते थे, अब उनकी कुर्सी बदल गई है। उस कुर्सी पर डॉ. मोहन यादव (dr mohan yadav) बैठे थे और शिवराज सिंह की कुर्सी चौथे नंबर पर थी। हालांकि यह व्यवस्था अस्थाई है, जल्द ही व्यवस्था बदलेगी और उन्हें अन्य कुर्सी पर बैठाया जाएगा।

मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस दिन नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण का दिन था। इस दौरान विधानसभा में बैठक व्यवस्था जो की थी वो चर्चाओं में रही। प्रदेश के मुखिया के तौर पर अब डा. मोहन यादव एक नंबर कुर्सी पर बैठे थे और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान चौथे नंबर की कुर्सी पर थे। प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव नव निर्वाचित विधायकों को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ दिला रहे थे। सबसे पहले मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शपथ ग्रहण की, इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने शपथ ग्रहण की। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल ने शपथ ग्रहण की। इनके बाद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। चौहान बुदनी से विधायक बने हैं।

नई विधानसभा का पहले सत्र में विधायकों ने ली शपथ, यहां देखें Live Updates

बदला हुआ था नजारा

कभी शिवराज सिंह एक नंबर कुर्सी पर बैठते थे और उनकी कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव और पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव भी सहयोगी थे। अब इनमें से डा. मोहन यादव चीफ मिनिस्टर बन गए और एक नंबर की कुर्सी पर बैठे थे। विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव बैठे थे। शिवराज सिंह ने स्पीकर का सम्मान स्वरूप अभिवादन करते हुए शपथ ग्रहण की।


मंत्रियों को मिलती है आगे की कुर्सियां

हालांकि विधानसभा में बैठक व्यवस्था अस्थाई रूप से बनाई गई है। भाजपा अपने सीनियर नेताओं को पहली पंक्ति में ही स्थान देती है, लेकिन यही पहली पंक्ति मंत्रियों को दी जाती है। ऐसे में यदि शिवराज सिंह चौहान किसी मंत्री पद पर नहीं रहते हैं तो उन्हें और भी पीछे की कुर्सी दी जा सकती है।