
Skin Pigmentation
Skin Pigmentation: पिगमेंटेशन यानी चेहरे की झाइयां हटाने का धंधा राजधानी भोपाल में तेजी से ग्रोथ कर रहा है। कोई चेहरे से झुर्रियां हटाने के लिए तो कोई काले ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए देशी नुस्खों से लेकर हजारों रुपए तक की क्रीम का इस्तेमाल कर रहा है।
स्किन केयर विशेषज्ञों ने आगाह किया है चेहरे के साथ यह खिलवाड़ कई बार भारी पड़ सकती है। अस्पतालों में ऐसे केस अब आम हो गए हैं, जो चिकित्सकों से संपर्क किए बिना सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो या विज्ञापन देखकर क्रीम या सीरम लगाकर चेहरे को बिगाड़ लेते हैं।
राजधानी भोपाल में ही चेहरे की चमक को बनाए रखने वाली विभिन्न तरह की क्रीम का बाजार करोड़ों में है। ब्रांडेड स्किन केयर क्रीम ही हर महीने 10 करोड़ की बिक जाती हैं।
चेहरे पर ग्लो लाने और चमक बनाए रखने के लिए क्रीम लगाएं लेकिन किस तरह की स्किन पर कौन सी क्रीम या देशी नुस्खे का इस्तेमाल कर रहे हैं इसकी सलाह चिकित्सकों से ले लें। क्योंकि कई बार क्रीम में मिले केमिकल के साइड इफेक्ट्स बहुत गंभीर होते हैं।
महिलाएं अपने चेहरे के प्रति ज्यादा सेंसटिव होती हैं इसलिए वे ऑनलाइन क्रीम या सीरम आर्डर कर मंगाती हैं। इसी मानसिकता को छोटी कंपनियां भुनाती हैं। और वे लोकल मार्केट सहित ऑनलाइन प्लेटफार्म पर नकली क्रीम बेचती हैं। इसमें मिला केमिकल चेहरे की रंगत को बिगाड़ देता है।
महिलाएं माह में एक दो बार ब्लीच कराती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे चेहरा खराब हो जाता है। क्योंकि त्वचा का रंग मेलेनिन से तय होता है। गोरा बनाने या झाइयां हटाने का दावा करने वाली क्रीम इसकी मात्रा को कम करती है। यह बाद में नुकसानदेह होता है।
हमीदिया और एम्स, भोपाल में रोजाना कम से कम 10 ऐसे केस आते हैं जिनमें पीड़ित ने ऑनलाइन कोई क्रीम मंगाकर इस्तेमाल किया और फिर चेहरा बिगाड़ लिया।
गोरा करने कर दावा करने वाली कुछ क्रीम किडनी के रोग बढ़ाती हैं। क्योंकि इनमें अधिक मात्रा में पारा होता है। इनके उपयोग से मेम्ब्रेन नेफ्रोपैथी (एमएन) के मामले बढ़ रहे हैं। जो किडनी रोग का कारण बनती हैं।
Published on:
25 Jul 2024 01:12 pm
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