
राजधानी में तमाम प्रयासों के बावजूद सायकिलिंग लोगों के जीवन का हिस्सा नहीं बन पाई है। पब्लिक बाइक शेयरिंग के तहत स्मार्टसिटी के प्रोजेक्ट के आंकड़े ही इस बात को साबित कर रहे हैं। यहां लोग सिर्फ शौकियांतौर पर ही सायकिलिंग कर रहे हैं।
शहर की आबादी 23 लाख से अधिक हैं। जबकि शहर की आबोहवा के साथ शरीर को स्वस्थ रखने के दावों के साथ लोगों को सायकिलिंग के प्रति जागरूक करने बीते चार साल में सायकिल टै्रक पर करीब 12 करोड़ रुपए तक की बड़ी राशि खर्च की गई।
पब्लिक बाइक शेयरिंग के नाम पर तीन करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है। होशंगाबाद रोड पर बीआरटीएस किनारे जनवरी 2017 में पहला सायकिलिंग ट्रैक शुरू किया गया था। इसके बाद पोलीटेक्रिक चौराहा से डिपो चौराहा तक व प्लेटिनम प्लाजा से जवाहर चौक तक सडक़ किनारे सायकिलिंग ट्रैक बनाए गए हैं। स्थिति ये हैं कि डॉकिंग स्टेशन से लेकर सायकिल टे्रक बदहाल हो गए हैं। बीआरटीएस किनारे वाले टै्रक तो पूरी तरह टूट गया है।
Updated on:
04 Nov 2023 08:17 pm
Published on:
04 Nov 2023 08:16 pm
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