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स्मार्ट सिटी इंदौर जश्न मना रहा, भोपाल के पास सिर पीटने के अलावा कुछ नहीं

स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉपोरेशन 100 स्मार्ट पोल पर यदि ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित कर लेता तो देश में एयर क्वालिटी इंडेक्स में पहला नंबर भोपाल का होता। हमें पांचवां नंबर मिला।

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भोपाल. स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉपोरेशन 100 स्मार्ट पोल पर यदि ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित कर लेता तो देश में एयर क्वालिटी इंडेक्स में पहला नंबर भोपाल का होता। हमें पांचवां नंबर मिला। एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानकों में भोपाल और इंदौर में सिर्फ ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का अंतर था। बुधवार को स्मार्ट सिटी अवार्ड में भोपाल को महज एक अवॉर्ड मिला। जबकि इंदौर दस अवॉर्ड के साथ पहले स्थान पर है।
भोपाल में 90 प्रोजेक्ट फिर भी फिसड्डी
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल ने 90 प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम किया। 750 करोड़ रुपए का इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर, 200 करोड़ रुपए से इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया। स्टार्ट अप्स में मदद के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर भी सबसे पहले भोपाल में बना, लेकिन अवॉर्ड नहीं मिला।

करोड़ों खर्च हुई, नतीजा ढाक के तीन पात
2.8 करोड़-भोपाल प्लस ऐप
55.50 करोड़-डेकोरेटिव लाइटें, ग्रेनाइट चेयर, गार्डन में बोलार्ड
28 करोड़- डस्ट फ्री सिटी प्रोजेक्ट
21 करोड़- सदर मंजिल हेरिटेज प्रोजेक्ट
750 करोड़- कंट्रोल कमांड सेंटर
750 किलोवॉट का बड़ा तालाब वीआईपी रोड किनारे सोलर प्लांट
342 एकड़ में टीटी नगर में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
हवा-हवाई प्रोजेक्ट
ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन स्पॉट, अंडरग्राउंड स्मार्ट डस्टबिन प्रोजेक्ट,साइकिल ट्रैक, टीटी नगर में स्मार्ट हाट प्रोजेक्ट, टीटी नगर दशहरा मैदान, अटल पथ और स्मार्ट रोड शहर की सबसे महंगी सडक़ें थीं। इसी तरह ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस चौराहा टेक्टिकल अर्बनाइजेशन का नमूना था। इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सरकारी आवास प्रोजेक्ट, डिजिटल एड्रेस सिस्टम प्रोजेक्ट और स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट हवा-हवाई साबित हुए।
ये प्रोजेक्ट हो गए बंद
इनमें से स्मार्ट एप, स्मार्ट बिन, टेक्टिकल अर्बनाइजेशन, सायकिल ट्रैक, डिजिटल एड्रेस सिस्टम, स्मार्ट पोल, डस्ट फ्री सिटी जैसे प्रोजेक्ट खत्म या बंद हो गए।
अब सिर्फ केयर टेकर एजेंसी
जून 2023 तक ही स्मार्ट सिटी का कार्यकाल था। एक साल के लिए इसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब कंपनी केयर टेकर की भूमिका में है। हालांकि, भोपाल में एबीडी का काम अभी काफी बाकी है।
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स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पूरे शहर के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। प्रोजेक्ट्स को हर साल अवॉर्ड मिलते हैं। हाल में हमें ई-गवर्नेस और स्मार्ट सिटी का अवॉर्ड मिला है।
गौरव बैनल, सीईओ स्माटज़्सिटी