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चुनावी रण का नया हथियार बना स्मार्टफोन

वोटरों को लुभाने और डेटा हथियाने की 'स्मार्ट' योजना...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 3 Oct 2018, 8:45 AM IST

Smart phone

चुनावी रण का नया हथियार बना स्मार्टफोन

भोपाल। भारत में चुनावी राजनीति और 'मुफ्त' योजनाओं का अटूट नाता रहा है। घरेलू सामान से लेकर मुफ्त सुविधाएं देकर वोटरों को अपने पाले में लाने के करतब राजनीतिक दल करते रहे हैं।

एक जमाने में सिलाई मशीन, साड़ी, साइकिल, ग्राइंडर और वॉशिंग मशीन के चर्चे रहते थे। अब सियासी दलों का नया हथियार लैपटॉप और स्मार्टफोन है। वे इसके जरिए न सिर्फ वोटरों को आकर्षित करने की मुहिम में जुटे हुए हैं, बल्कि उनका डेटा भी एक झटके में हथियाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ताजा उदाहरण राजस्थान और छत्तीसगढ़ का है।

यहां आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों राज्य सरकारों ने चुनावी रण में बढ़त बनाने के लिए स्मार्टफोन की चाल चली है। राजस्थान में सरकार एक करोड़ से अधिक भामाशाह कार्डधारकों को 1000 रुपए का अनुदान देकर स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन का इंतजाम कर रही है।

दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में दो कंपनियों को 1500 करोड़ रुपए का वर्कऑर्डर दिया है। राजस्थान में 'भामाशाह डिजिटल परिवार योजना' और छत्तीसगढ़ में 'संचार क्रांति योजना' के तहत स्मार्टफोन बांटे जाएंगे।

...जब सुप्रीम कोर्ट ने कसी नकेल
टेलीकॉम कंपनियों ने आधार की अनिवार्यता होने के बाद जमकर डाटा कलेक्ट किया, लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फोन कनेक्शन के लिए आधार की अनिवार्यता खत्म करने के बाद इन पर नकेल कसी है। इस फैसले के पहले टेलीकॉम कंपनियों ने अपने करोड़ों यूजर्स के 'आधार' से उनकी जानकारी जुटा ली है। अब क्या ये कंपनियां डाटा डिलीट करेंगी?

योजनाओं की जानकारी देने का दावा, पर खेल कुछ और ही है?
राजस्थान सरकार ने कहा है कि लोगों के हाथ में स्मार्टफोन आने से वे जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उठा सकेंगे, लेकिन इसकी तह में जाएं तो असल में इसके जरिए सरकार को स्मार्टफोन यूजर्स की काफी जानकारी मिल सकेगी।

मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन के जरिए एक करोड़ से ज्यादा परिवारों का अतिरिक्त डेटा उसे सीधे मिल जाएगा। वहीं सेवाप्रदाता कंपनी को एक झटके में इतनी बड़ी तादाद में यूजर्स भी मिल जाएंगे, जिससे वह भी भविष्य में इनका इस्तेमाल कर सकती है।

दोनों राज्य में एक ही टेलीकॉम कंपनी को लाभ पर उठे सवाल
राजस्थान और छत्तीसगढ़, दोनों राज्यों में स्मार्टफोन स्कीम में एक विशेष टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी के शामिल होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह कंपनी सस्ता इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल देने के लिए जानी जाती रही है।

मौजूदा स्कीमों में भी इतने बड़े पैमाने पर इंटरनेट समेत स्मार्टफोन देने की घोषणा से इस कंपनी को फायदा मिलता दिख रहा है। राजस्थान में भले ही सरकार कह रही है कि स्मार्टफोन वितरण कैंपों में सभी सेवा प्रदाता कंपनियों को आमंत्रित किया गया है, पर एक कंपनी की अधिक मौजूदगी सवाल उठा रही है।