23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Weather Report : उत्तर भारत में भारी बर्फबारी, अब फरवरी में भी पड़ेगी कड़ाके की ठंड

current weather forecast- मौसम विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, फरवरी माह में भी पड़ेगी कड़ाके की ठंड...।

3 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Jan 27, 2020

03_1.png

भोपाल। जनवरी माह खत्म हो रहा है, लेकिन ठंड अब भी पूरे शराब पर है। दूसरी तरफ उत्तर भारत में हो रहे स्नोफॉल का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। यहां तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में भी पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड देखने को मिलने वाली है।

फरवरी में भी कड़ाके की ठंड
आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई इलाकों में होने वाली बर्फबारी ( snowfall in north india ) का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ने वाला है। इस कारण बर्फीली हवा का रुख दक्षिणी होने से फिर से कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी। मौसम विशेषज्ञों की माने तो फरवरी के पहले सप्ताह में भी कड़ाके की ठंड ( february weather forecast ) देखने को मिलेगी।

क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र नायक के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू कश्मीर के पास पहुँच गया है।

-पश्चिमी औसत समुद्र तल से ऊपर पर 3.1 से 3.4 किमी के बीच चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में द्रोणिका के साथ जिसका अक्ष औसत समुद्र तल से 5.8 कोलोमीटर ऊपर है, जो लगभग 64°पूर्वी देशांतर से लेकर उत्तर की ओर 25° उत्तरी अक्षांश तक चलायमान है, उत्तर पाकिस्तान एवं उससे सटे जम्मू और कश्मीर के ऊपर स्थिति है।

-पश्चिमी विक्षोभ प्रभाव से विकसित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य पाकिस्तान और इससे सटे राजस्थान पर दिखाई दे रहा है।

-इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रेरित एक प्रेरित चक्रवाती संचरण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है।

-31 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र एक ताज़ा कमजोर पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित से होने की संभावना है।

-तेलंगाना के ऊपर हवाओं में एक विपरीत चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है।*
औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर तेलगाना एवं इससे ऊपर 3.1 किलोमीटर ऊपर तक दक्षिण भारत में विपरीत हवा की चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है।

यहां बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र नायक के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के छत्तीसगढ़ से सटे जिलों (रीवा, शहडोल एवं जबलपुर संभागों के जिले) के कुछ हिस्सों में तथा ग्वालियर एवं चम्बल संभागों में 27 और 28 जनवरी को एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश के आसार हैं।

-29 से 31 जनवरी के दौरान उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश इलाकों के घने कोहरे की संभावना है।

-30 जनवरी से उत्तरी ठंडी हवाएँ पश्चिमी मध्य प्रदेश*(इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं होशंगाबाद संभागों के जिलों) में पहुँचेंगी जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। यानि कड़ाके की सर्दी वापसी कर सकती है।

-अगले 3-4 दिन के दौरान न्यूनतम तापमानों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है।


हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट
उत्तराखंड में दिसंबर से ही लगातार बर्फबारी जारी है और चारों ही धाम बर्फ से ढके हैं। यहां तक कि रूद्रप्रयाग स्थित तुंगनाथ मंदिर पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। फिलहाल मौसम विभाग ने हिमाचल के कई जिलों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में 27 से 29 जनवरी तक मौसम बिगड़ सकता है। 28 जनवरी को भारी बारिश के साथ ही भारी बर्फबारी का भी अनुमान है।

यह भी है खास
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश का अनुमान है, वहीं पारा भी काफी गिर सकता है। उधर, हरियाणा से खबर है कि करनाल शहर में सर्द हवाएं बढ़ गई है। न्यूनतम पारा 2.5 डिग्री से. दर्ज किया गया।