एक माह बाद कस्तूरबा अस्पताल में बंद हो सकती है सोनोग्राफी की सुविधा मिलना

एचएमएस ने भेल ईडी को भेजा सुविधा बंद करने का प्रस्ताव। अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा पहले ही बंद हो चुकी है।

By: Bharat pandey

Published: 28 Jun 2018, 07:48 AM IST

भोपाल/भेल। एक महीने बाद कस्तूरबा अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा मिलना बंद हो जाएगा। सोनोग्राफी की सुविधा बंद करने का निर्णय रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अनीता चंद्रा के रिटायरमेंट को लेकर लिया जा रहा है। डॉ. अनीता जुलाई महीने में रिटायर हो जाएंगी, उसके बाद अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर का पद खाली हो जाएगा। कस्तूरबा अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा पहले ही बंद हो चुकी है। एक्स-रे मशीन भी कभी कभार की काम करती है। एेसे में सोनोग्राफी की सुविधा का बंद होना भेल के १० हजार से अधिक कर्मचारियों के परिवारों की मुसीबत बढ़ाने वाला है।

जानकारी के अनुसार कस्तूरबा अस्पताल के हेड मेडिकल सर्विसेस डॉ. एसके गुप्ता ने भेल के ईडी डीके ठाकुर को प्रस्ताव भेजकर अगस्त महीने से सोनोग्राफी की सुविधा को बंद करने की सिफारिश की गई है। डॉ. गुप्ता ने तर्क दिया है कि जुलाई महीने में डॉ. अनीता चंद्रा रिटायर हो जाएगी।

डॉ. चंद्रा के रिटायर होने के बाद सोनोग्राफी करने के लिए अस्पताल में कोई रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर नहीं है। बिना रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के मरीजों को सोनोग्राफी की सुविधा देना संभव नहीं है। डॉ. गुप्ता ने भेल ईडी ठाकुर से आग्रह किया है कि कस्तूरबा अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की भर्ती कर सोनोग्राफी की सुविधा को जारी रखा जा सकता है।

एक दिन में 35 से 40 सोनोग्राफी
कस्तूरबा अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए एक दिन में 35 से 40 मरीज आते हैं। डॉक्टर और संसाधनों की कमी होने के कारण अति आवश्यक होने पर ही सोनोग्राफी कराने की सलाह देते हैं। पहले एक दिन में 60 से 75 मरीज सोनोग्राफी के लिए आते थे। ऐसे में अगस्त महीने से कस्तूरबा अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा बंद हो जाएगी तो भेल की करीब 50 हजार की आबादी को परेशानी होगी।

एक हजार से 2200 रुपए तक खर्चा
निजी नर्सिंग होम्स या सोनोग्राफी सेंटर पर एक बार सोनोग्राफी कराने पर एक हजार रुपए से लेकर 2200 रुपए तक का खर्चा आता है। एक प्रसूता को गर्भावस्था के दौरान दो से चार बार सोनोग्राफी कराने की जरूरत पड़ती है। गर्भावस्था के दौरान एक बार डॉक्टर प्रसूता को टारगेट सोनोग्राफी कराने की सलाह देते हैं, निजी सेंटर में इस सोनोग्राफी का 2200 रुपए लगता है। कस्तूरबा अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा बंद होने पर भेल कर्मचारियों के परिवारों को काफी दिक्कत होगी।

कौन क्या कहता है
कस्तूरबा अस्पताल बर्बाद हो चुका है। एक-एक कर सभी सुविधाएं बंद करने से बेहतर है भेल प्रबंधन अस्पताल ही बंद कर दे। - सतेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष बीएमएस

भेल प्रबंधन कर्मचारियों को सुविधाएं देने को लेकर गंभीर नहीं है। सोनोग्राफी की सुविधा बंद होती है तो भेल के कर्मचारियों को काफी दिक्कत होगी। - आशीष सोनी, प्रवक्ता एेबू

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