
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अपने संस्कृति तथा यहां कला के लिए हो रहे रोजाना कार्यों के लिए पूरे देश भर में प्रसिद्ध है। भोपाल में रोजाना कला के क्षेत्र में कोई न कोई कार्य हो रहे हैं।
साथ ही भोपाल में लोगों को विभिन्न भाषाओं के प्रति भी उनकी अलग ही रूचि दिखाई पड़ती है। भोपाल के संस्कृति विभाग द्वारा कुछ ही दिनों पहले उर्दू भाषा के विकाश तथा लोकप्रियता बढ़ाने के लिए उर्दू सेंटरों का निर्माण करवाया जाना था।वहीं राजधानी में उर्दू के विकास की दूसरी एक और पहल भी हो रही है, जो उर्दू यूनिवर्सिटी का निर्माण करवाना है।
जिससे प्रदेश के साथ ही देश भर उर्दू प्रेमियों को यहां आ कर उर्दू भाषा की शिक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही उर्दू भाषा के विकास में इस यूनिवर्सिटी का भी विशेष योगदान रहेगा। जहां छात्रों को उर्दू भाषा के विभिन्न कोर्सों का फायदा एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।
इस यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य तथा इसके विभिन्न आयामों को करीब से समझने के लिए पत्रिका संवाददाता ने मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ मोहम्मद अहसन से मिल कर बात की। जिसमें हमें पता चला...
प्रश्न- उर्दू यूनिवर्सिटी के लिए नया कैम्पस बन रहा है। ये कब तक पूरा हो जाएगा?
उत्तर- उर्दू यूनिवर्सिटी के लिए पीपलनेर में कैम्पस का निर्माण होना है। इसके लिए प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब सालभर में ये तैयार हो जाएगा। यहां विद्यार्थियों के लिए कई सुविधाएं मिल सकेगी।
प्रश्न- इसके बनने के बाद प्रदेश के विद्यार्थियों को क्या फायदा मिलेगा? रोजगार की संभावनाएं भी होगी क्या?
उत्तर- वर्तमान में यहां उर्दू के कुछ ही कोर्स संचालित हैं। बीएड और एमएड के लिए मंजूरी मिल गई है। इसमें सभी विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे।
प्रश्न- उर्दू को लेकर वर्तमान में क्या स्थिति है? राजधानी में कितने विद्यार्थी हैं?
उत्तर- शहर में उर्दू के प्रति रूझान कम है। लेकिन अब लोग इसे समझ रहे हैं। पहले के मुकाबले अब विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। इस ओर लोगों में जागरुकता आई है।
प्रश्न- यहां क्या हर वर्ग और धर्म के लोग दाखिला ले सकेंगे?
उत्तर- जी हां। उर्दू जानने वाला कोई भी यहां दाखिला ले सकता है। इसमें धर्म या वर्ग विशेष की कोई बाध्यता नहीं है। वर्तमान में ऐसे कई विद्यार्थी यहां अध्ययन भी कई रहे हैं।
प्रश्न- वर्तमान में रीजनल सेंटर पर बीएड जैसे कोर्स हैं। कैम्पस बनने के बाद कोई नए कोर्स शुरू करने की भी योजना है क्या?
उत्तर- बीएड और एमएड के अलावा यहां पॉलिटेक्निक, आईटीआई, मॉडल स्कूल सहित कुछ और कोर्स शुरू करने की योजना है। ये प्रदेश में अपनी तरह के ये पहले कोर्स होंगे।
प्रश्न- इसके लिए जमीन काफी पहले मिल गई थी। यूनिवर्सिटी के नए कैम्पस निर्माण में इतनी देर क्यों हो गई?
उत्तर- सरकार से जमीन मिलने के बाद यहां निर्माण के लिए एक प्रक्रिया है। ये प्रक्रिया मुख्यालय से तय होती है। इसके चलते कुछ देरी हुई है। इससे पहले यहां बाउंड्री बॉल का निर्माण हो चुका है। अब लगभग सभी अनुमतियां हो चुकी हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए फंड भी मंजूर हो चुका है।
Published on:
23 Mar 2018 06:54 am
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