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election 2019ः चुनाव आयोग का फैसला, दिव्यांग मतदाता के दोनों हाथ नहीं होने पर इस जगह लगाई जाएगी अमिट स्याही

दिव्यांग मतदाताओं के लिए बनाएं जाएगेंं केंद्र...
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भोपाल

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Amit Mishra

Apr 19, 2019

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election 2019ः चुनाव आयोग का फैसला, दिव्यांग मतदाता के दोनों हाथ नहीं होने पर इस जगह लगाई जाएगी अमिट स्याही

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं चुनाव आयोग इसके पहले विधानसभा चुनावों में इस तरह के इंतजाम कर चुका हैं। चुनाव आयोग ने इस बार VVPAT मशीनों का इस्तेमाल EVM के साथ साथ ये भी फैसला लिया गया है कि अगर किसी दिव्यांग मतदाता के दोनों हाथ नहीं है तो कोहनी पर या अगर पूरा हाथ नहीं है तो उसके कंधे पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। चुनाव आयोग द्वारा मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा के साथ साथ व्हील चेयर भी उपलब्ध कराई जाएगी। दृष्टिबाधित व अक्षम मतदाताओं को सहयोगी प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।


वोट देने के लिए प्रेरित कर रहा आयोग...
चुनाव आयोग के द्वारा तमाम तरीकों से लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मतदान अधिक से अधिक लोग करें इसके लिए कई सामाजिक संगठन भी चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोगों को प्रेरित कर रहें हैं।

दिव्यांग मतदान केंद्र भी बनाया जाएगा...
चुनाव आयोग ने दृष्टिहीन व शारीरिक रूप से अक्षम मतदाता चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करें, इसकी व्यवस्था भी चुनाव आयोग ने की है। दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक दिव्यांग मतदान केंद्र भी बनाया जा रहा है, जहां चुनाव ड्यूटी करने वाले लोग भी दिव्यांग होंगे।

एमी विधानसभा चुनाव में किए गए थे इंतजाम
इसके पहले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में चुनाव आयोग द्वारा कई तरह के विशेष इंतजाम किए गए थे जिससे मतदान प्रतिशत में भारी इजाफा हुआ था। ऐसा माना जाता है कि प्रतिशत में भारी इजाफा के पीछे चुनाव आयोग द्वारा किए गए नवाचार, जनजागरुकता अभियान, महिलाओं और दिव्यांगों को मतदान के लिए विशेष सुविधाएं मुहैया कराना आदि प्रमुख कारण था।

भोपाल में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर डॉ. सुदाम पी खाडे ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए जिले में 32 क्यूलेस मतदान केन्द्र बनवाए थे। इस नवाचार को लोगों ने सराहा था। सेंट जोसफ कोएड स्कूल में ऐसे 15 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से दो ई क्यूलेस थे, जिनमें 77 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। दिव्यांग वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने के लिए 77 ओला कैब की मुक्त सेवाएं ली गई थी। इससे भी मतदान प्रतिशत बढ़ा था।