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स्पीड गर्वनर की टूटी थी सील, नशे में धुत था बस का ड्राइवर 

गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह के आदेश के बाद गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे पर स्कूल बस व अन्य सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के खिलाफ चलाया चेकिंग अभियान 

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Krishna singh

Sep 02, 2016

speed governor sealed broken, bus driver found dru

speed governor sealed broken, bus driver found drunk, no rule followed even after home minister’s Ultimatum, bhopal

भोपाल. गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह के आदेश के बाद गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे पर स्कूल बस व अन्य सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बोनीफाई स्कूल की बस में स्पीड गर्वनर की सील टूटी मिली। ट्रैफिक डीएसपी ने चालान कटवाने को कहा तो नशे में धुत ड्राइवर भड़क गया। उसका कहना था कि अभी तो सील लगी हुई थी, वह गाड़ी के कागज चेक कराने गए। इतने में आप ने इसे तोड़ दिया है। दोनों में जमकर बहस हुई। ड्राइवर को एल्कोमीटर से जांच कराने के बाद डीएसपी ने बस जब्त कर ली।

दोपहर डेढ़ बजे से शुरू हुई चेकिंग करीब तीन घंटे चली। जैसे से चेकिंग की खबर वाहन मालिकों को मिली, कई बसें तो उस रूट से निकली ही नहीं। पुलिस को उम्मीद थी कि स्लीपर व वीडियो कोच बसें भी जब्त होंगी, लेकिन उन्हें एक भी बस नहीं मिली। इस दौरान 88 वाहनों को चेक किया गया। 12 वाहन जब्त किए गए। इनसे बीस हजार का चालान वसूला गया। चैकिंग में वाहन के फिटनेस, परमिट और दस्तावेजों की जांच की गई। भोपाल से सिलवानी और भोपाल से सागर चलने वाली बसों के ड्राइवर को इमरजेंसी गेट खोलने को कहा गया। दोनों बसों के गेट जाम थे। ड्राइवर पेचकस लेकर पहुंचा तो डीएसपी ने कहा कि हादसे के समय क्या सवारी इसे खोलने के लिए घर से पेचकस लेकर आएगी। 14 बसों के इमरजेंसी गेट जाम मिले। चार बस रूट के खिलाफ व 6 बिना परमिट चल रही थी।

सारणी से भोपाल रूट पर चलने वाली एक बस को ट्रैफिक पुलिस ने रोका। बस में सवारी बैठी थी, ड्राइवर ने फोनकर मालिक को बुला लिया। बस संचालक परिवहन नियमों की किताब लेकर पहुंचा। उसने एएसआई पीजी पांडे को नियम बताते हुए कहा कि उसकी बस में खराबी है। उसने इसे ठीक कराने के लिए तीन माह की मोहलत ले रखी है। जो 24 सितंबर तक है। वह बस को ठीक कराने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे रोक लिया। डीएसपी ने सवारी देख चालान बनाने को कहा, हालांकि परिवहन अमले ने उसे नियमों का हवाला देकर छोड़ दिया।

राज्य में पहले दिन 522 बसों को पकड़ा
यात्री बसों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई के पहले दिन प्रदेश में 522 बसों को पकड़ा गया। सागर-छतरपुर मार्ग पर ही 54 बसों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इंदौर में 45 बसों पर डंडा चला। सभी बसों में यात्री सुविधाओं के लिए तय किए गए मानक अधूरे मिले। दरअसल, विभाग एक सितंबर से 15 सितंबर तक यात्री बसों के खिलाफ अभियान चलाएगा। परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह की निगरानी में छतरपुर-सागर रोड पर कार्रवाई हुई। इस दौरान 54 बसों पर कार्रवाई की गई। जिसमें 18 बसों को जब्त किया गया। तीन बस बिना परमिट चलती हुई पाई गईं, जबकि छह बसें ओवरलोडिंग, सात बसों में क्षमता से अधिक सीटें लगी थी और चार बसों के इमरजेंसी गेट ठीक से नहीं खुल रहे थे। जबकि एक बस में पीछे के कांच पर जाली लगी पाई गई। वहीं, चार ड्राइवर्स के पास लायसेंस नहीं था।