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भोपाल। ताजा रैंकिंग में भोपाल को 29वां स्थान मिला है। तीन महीने पहले जारी रैंकिंग में यह 51वें स्थान पर था। प्रदेश में खंडवा पहले स्थान पर रहा है, जबकि धार सबसे फिसड्डी रहा है। इससे पहले विभाग ने जून-जुलाई और अगस्त में संपादित किए गए कार्यों के आधार पर स्कूलों की रैंकिंग जारी की थी। खराब रैंकिंग के कारण भोपाल जिले के तीन बीआरसी और एक एपीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके) के संचालक धनराजू एस ने बताया कि स्कूलों को यह रैंकिंग सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2022 में संपादित हुए हर कार्य और उपलब्धि के आधार पर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जिलों की शैक्षिक रैंकिंग प्रणाली विकसित करने के निर्देश अनुसार इसे विकसित किया गया है।
ऐसे तय की रैंकिंग
राज्य शिक्षा केंद्र ने रिपोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर अनेक कार्य बिंदु निर्धारित किए थे। जिनमें मुख्यत: बच्चों के नामांकन और ठहराव, गुणवत्ता पूर्ण शैक्षिक उपलब्धियां, शिक्षकों का व्यावसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना और भौतिक सुविधाएं और सुशासन प्रक्रियाएं आदि शामिल हैं।
सुधार के लिए किया प्रयास
पहले डीइओ के पास ही था डीपीसी का प्रभार, अब अन्य को मिला प्रभार।
डीपीसी कार्यालय में वर्षों से जमे कर्मचारी-अधिकारियों को हटाकर नए की नियुक्ति की गई।
नई टीमें बनाई गईं और लगातार स्कूलों की मॉनिटरिंग की गई।
स्कूलों के बच्चों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गईं।
Published on:
11 Dec 2022 02:10 pm
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