
भोपाल. पुरानी और ऐतिहासिक चीजों का संरक्षित रखने के लिए राज्य संग्रहालय आकर्षण का केन्द्र है। यहां हजारों साल पुरानी मूर्तियां हैं तो वहीं लाखों साल पुराने जीवाश्म भी है। संग्रहालय में हाथी दांत के अवशेष रखे गए हैं जो करीब 25 लाख वर्ष पुराने हैं। यहां करीब साढ़े तीन हजार वस्तुओं का संग्रह है।
राजधानी के आसपास खनन के दौरान पुरातनकाल के अवशेष मिले है। कोलार, सांची, भीमबैठका पर इसके कई प्रमाण है। मानव विकास को करीब से जानने के लिए महत्वपूर्ण इन चीजों का रा'य संग्रहालय में कलेक्शन किया गया है। सबसे पुराने अवशेष की बात करें करीब 25 लाख साल पुराना हाथ दांत का अवशेष यहां पर हैं। इसके अलावा यहां दसवीं और 11वीं शताब्दी की कई प्रतिमाएं भी संरक्षित हैं।
1909 में स्थापना संग्रहालय की स्थापना
1909 में भोपाल रा'य के तत्कालीन शासन द्वारा एडवर्ड संग्रहालय के रूप में की गई थी। वर्तमान में यह मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय है। बाद में इसे बाणगंगा रोड स्थित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। संग्रहालय में 17 गैलरी हैं। हर में कुछ न कुछ खास है।
टिकट दर को लेकर असमन्जस
संग्रहालय को घूमने के लिए टिकट दर बीस रुपए तय की गई है। लेकिन आर्कीलॉजी की वेबसाइट पर यह दर पांच रुपए है। बताया गया कि यह अपडेट नहीं किया। वेबसाइट देखकर यहां पहुंचने वाले लोगों में यह असमन्जस पैदा कर रहा है। ड्ड क्यू आर कोड से मिल सकती है जानकारी बताया गया कि यहां कई विद्यार्थी आते हैं। अपनी संस्कृति और पुरासंपदा पर शोध के लिए यहां काफी महत्वपूर्ण हैं। यहां प्रदर्शित हर प्रतिमा के पास क्यूआर कोड लगा है। इसके स्कैन कर संबंधित के बारे में पूरी जानकारी ली जा सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह काफी मददगार साबित हो रहा है।
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प्रदेश का सबसे बड़ा संग्रहालय है। यहां चीजों को अलग-अलग गैलरी में बांटा गया है। अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जाने इसके लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। करीब 25 लाख साल पुराने हाथी दांत के जीवाश्म यहां पर हैं।
मनोहर सिंह उइके, प्रभारी क्यूरेटर, राज्य संग्रहालय
Published on:
21 Feb 2024 12:42 pm
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