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6 दिन से जारी है जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज हो रहे हैं परेशान

प्रदेश के 3000 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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भोपाल. मध्य प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा आयुष जूनियर डॉक्टरों हड़ताल पर हैं और सरकार उनसे बात तक करने को तैयार नहीं है। सरकार के रवैये को लेकर जूनियर डॉक्टर्स अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जूडा का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।

डॉक्टर्स ने हड़ताल पर जाने से पहले कई बार जिम्मेदारों को ज्ञापन दिए थे लेकिन सरकार नहीं जागी। प्रदेश के आयुष जूनियर डॉक्टर्स अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल में प्रदेशभर के करीब 3000 जूनियर डॉक्टर शामिल हैं।

आयुष जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि प्रदेश में एलोपैथिक जूनियर डॉक्टरों के बराबर उनको भी स्टाइपेंड मिलना चाहिए। जूडा जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी से अलग कर आयुष यूनिवर्सिटी बनाने की मांग कर रहे है ये नई यूनिवर्सिटी राजधानी भोपाल में बनाई जाए। इसके साथ एक मांग है कि परीक्षाएं और परिणाम समय जारी होना चाहिए। जूडा ने कहा कि 2013 जन संकल्प में 1000 आयुष औषधालयों को खोलने की घोषणा की जाए। वही पीएससी द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी की भर्ती परीक्षा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाए। संविदा कर्मियों को दिए जाने वाला 15 फ़ीसदी बोनस अंक हटाने की मांग भी शामिल है।

86 बार सौंपा ज्ञापन
मध्य प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जूडा प्रतिनिधि ने कहा कि डॉक्टरों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 86 बार जिम्मेदारों को ज्ञापन सौपा, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। जब मांगे पूरी नहीं हुई तो डॉक्टर्स को हड़ताल पर जाना पड़ा। जूडा की हड़ताल से प्रदेश में आयुर्वेदिक कॉलेजों द्वारा संचालित अस्पतालों का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। डूडा की हड़ताल अब लम्बी खिचती नजर आ रही है।