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यहां बनती है सबसे अच्छी स्टोन ज्वेलरी, रेलवे स्टेशन पर भी उपलब्ध, जानिए क्या है इसकी खासियत

तीन रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी स्टोन ज्वेलरी  

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भोपाल। खनिज संपदा से संपन्न मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में पत्थरों से आकर्षक आभूषण बनाए जाते हैं। खासतौर पर प्रदेश के ग्वालियर और मुरैना जिलों में जो आभूषण बनाए जाते हैं वे सबसे अच्छी स्टोन ज्वेलरी के रूप में जाने—पहचाने जाते हैं। दरअसल इन जिलों में ये आभूषण शजर पत्थर से निर्मित किए जाते हैं। अच्छी बात यह है कि ऐसी नायाब स्टोन ज्वेलरी अब यहां के रेलवे स्टेशनों पर भी मिलेगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी गई है। बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद ग्वालियर और मुरैना रेलवे स्टेशनों पर स्टोन ज्वेलरी के स्टाल खोले जाएंगे।

रेलवे की महिला यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें ग्वालियर और मुरैना रेलवे स्टेशनों पर शजर पत्थर से निर्मित आकर्षक आभूषण मिलेंगे। दरअसल रेलवे ने स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों की बिक्री बढाने व व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना शुरु की है। इसके तहत झांसी मंडल के सभी स्टेशनों पर भी अलग-अलग उत्पादों के स्टाल लगाए जाने हैं। बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद स्टेशनों पर ये स्टाल खोले जाएंगे।

झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मंडल में शामिल मध्यप्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर को पत्र लिखे गए थे। सभी कलेक्टर ने अपने यहां के उत्पादों की जो सूची भेजी है उसे मंडल ने रेलवे बोर्ड को भेज दी है। इनमें ग्वालियर और मुरैना में शजर पत्थर से निर्मित आभूषण, दतिया में कांसे की मूर्ति, डबरा में बेकरी प्रोडक्ट, खजुराहो में मिट्टी के बर्तन शामिल हैं।

रेलवे स्टेशनों पर व्यापार करने के लिए हस्तशिल्पी को भी अनुमति दी जा रही है। इसके लिए मंडल के रेल वाणिज्य कार्यालय में पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के लिए शुल्क के रूप में एक हजार रूपये जमा करना होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पंजीयन के बाद कुछ भी खर्च नहीं करना है। रेलवे स्टेशन के निर्धारित स्थान पर स्टाल तैयार कर सौंप दिया जाएगा। स्टालों की प्रक्रिया रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलते ही शुरू की जाएगी।