10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजधानी पुलिस का गुंडों के खिलाफ सख्त एक्शन.. देखें पुलिस ने 33 गुंड़ों के साथ ऐसा क्या कर दिया

एक साथ 33 गुंडे जिलाबदल

2 min read
Google source verification
jila badal

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़े महिला अपराधों और छेड़छाड़ के बाद पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयास से जिला बदल के मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई की गई है। मंगलवार को 33 बदमाशों को एक साथ जिला बदल किया गया है। इससे पहले कभी इतने बदमाशों को एक साथ जिला बदल किया जा चुका है। इस तरह पिछले दो माह में 39 गुंडों को जिलाबदल किया गया है।

कलेक्टोरेट में हुई बैठक

इस संबंध में कलेक्टोरेट में शाम को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की एक बैठक हुई जिसमें कलेक्टर सुदाम खाड़े और डीजाईजी धर्मेंद्र चौधरी ने ये जानकारी दी। बैठक में एडीएम जीपी माली एसपी नॉर्थ और एसपी साउथ भी उपस्थित थे। इसके अलावा अलग-अलग कोर्टों में पेंडिंग 350 जिला बदल के मामले में तेजी लाने के लिए भी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने कार्रवाई तेज कर दी है।

1600 को बॉन्ड ओवर की तैयारी
इसी तरह सक्रिय अपराध में गिरफ्तार बदमाश जिन पर 1 जनवरी 2016 से अभी तक धारा 376, 354, 509 (सभी आईपीसी की धाराएं) में अपराध दर्ज हैं। ऐसे लगभग 1600 आरोपी जिले में चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें बॉन्डओवर किया जा रहा है। इनमें सक्रिय बदमाशों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (एनएसए), जिला बदर तथा धारा 110 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।

ये हुए हैं जिलाबदल
गौतम नगर थाना क्षेत्र से मौहम्मद राशिद खान, बादशाह उर्फ वसीम, अनवर हुसैन, अजेश कुचबंदिया, तलैया थाने से मौ नईम, विकास कुचबंदिया, शाहजहांनाबाद थाने से फराज खान, स्टेशन बजरिया थाना से विलाल अहमद, हनुमानगंज से जावेद और निशातपुरा थाना क्षेत्र से मन्नू मनोज को जिलाबदल किया गया है।

जानें क्या है बांड और जिला बदल..
जिला बदल उन सभी अपराधियों को कराया जाता है जिनका अपने इलाके में अपराध की संख्या अत्यधिक हो गई है और लोग उसे पूर्ण रुप से अपराधि मानने लग गए हैं। कभी कोई अपराधी एक ही जिले के अंदर बहुत से अपराध कर लेता है और सभी में उसके अपराध सिद्ध हो जाते हैं तब कोर्ट द्वारा उसे जिला बदल की सजा दि जाती है, फिल्मों में यह जिलाबदल तड़ीपार नाम से मशहूर था। इसके साथ ही बॉंड एक प्रकार का सपथ पत्र होता है जो पुलिस के द्वारा अपराधियों से भराई जाती है जिसमें पुन: अपराध न करने की सपथ होती है।