
ग्वालियर। शिवपुरी सहित ग्वालियर-चंबल संभाग में इंटरनेट सेवा सोमवार की दोपहर दो बजे से बंद हुई की जो कि बुधवार की शाम पांच बजे तक शुरू नहीं हो सकी। हालांकि ग्वालियर में इंटरनेट सेवा ३१ घंटे बाद शुरू कर दी गई। जिससे लोगों के चेहरे पर मुस्कान देखी गई,जबकि भिण्ड और मुरैना में अभी भी इंटरनेट सेवा पूर्ण रूप से बंद है। वहीं सोशल मीडिया व एन्ड्रॉयड के दीवाने हुए लोग इस दौरान मोबाइल से जूझते देखे गएञ लोगों का कहना है कि न रात अच्छी गुजरी और न दिन की शुरुआत ठीक से हो सकी। क्योंकि कई ऐसे लोग हैं, जो मोबाइल पर ही नजर लगाकर खाना खाते हैं और परिवार के बीच बैठकर भी अकेले ही रहते हैं।
उनके परिजन खुश रहे, क्योंकि लंबे समय बाद मोबाइल में चिपके रहने वाले उनके परिवार के सदस्यों ने उनसे बातचीत की। गौरतलब है कि 24 घंटे से अधिक समय तक सभी निजी व शासकीय संचार कंपनियों की इंटरनेट सेवा ठप कर दिए जाने से लोगों को यह समझ आया कि वे मोबाइल के कितने अधिक आदी हो गए। साथ ही नेटसेवा बंद होने से खबरनवीसों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मोबाइल व इंटरनेट सेवा के आदी हो चुके लोगों का यह पूरा समय खालीपन के साथ गुजरा। वाट्सऐप व फेसबुक पर हमेशा अपडेट रहने वालों को तो ऐसा लगा, मानों उनका सब कुछ छीन लिया गया। हालांकि देर शाम इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं।
सोशल मीडिया से बड़ा खतरा, हुआ उजागर
मंगलवार को शिवपुरी ही नहीं प्रदेश व देश में एक न्यायालयीन आदेश का विरोध करने वाले लोगों ने चंद घंटों में जो कुछ किया, उसने हर शख्स को डरा दिया। हालांकि कुछ जगह तो लोगों ने खुद ही आगे आकर विरोध किया, तो वहीं पुलिस ने भी समझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन हालातों के बीच सरकार ने इंटरनेट सेवाओं का शट-डाउन करवा कर यह भी मान लिया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग किसी भी एक छोटी घटना को बड़ा हिंसक रूप देकर आमजन की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया बेलगाम घोड़ा हो गई, जहां जिसे जो मर्जी वो पोस्ट कर रहा है।
एटीएम की भी गिरीं शटर
इंटरनेट बंद हो जाने से बैंकों का कामकाज तो प्रभावित हुआ ही, साथ ही एटीएम से भी पैसा निकलना बंद हो गया। यही वजह है कि आज शहर के अधिकांश एटीएम की शटर बंद ही रहीं। चूंकि नेट बंद होने से राशि निकलने के बाद खाते में होने वाली एंट्री भी नहीं हो पा रही।
"जब से नेट सेवा बंद की गई, इतना अधिक खालीपन महसूस होने लगा कि न जाने क्या चीज दूर हो गई। मैं पेपर भी नेट पर ही पढ़ता हूं और कई बार न्यूज चैनल भी उसी पर देखता था, लेकिन पिछले 24 घंटे से सब कुछ बंद हो गया। जब सरकार को यह अंदेशा था, तो पहले ही व्यवस्थाएं करनी चाहिए थीं।"
अजीत भदौरिया, पूर्व सदस्य जीवाजी यूनिवर्सिटी
"जब इंटरनेट सेवाएं बंद हुईं, उससे कुछ समय पहले ही एक ग्राहक के मोबाइल में बैलेंस डाला। पैसा तो मोबाइल में आ गया, लेकिन नेट बंद हो जाने से वो यह कहते हुए झगडऩे को तैयार हो गया कि तुमने कैसा बैलेंस डाला कि मोबाइल ने काम करना ही बंद कर दिया। बाद में उसे समझाया गया तब वह माना"
सौरभ अग्रवाल मोबाइल सामग्री विक्रेता
"हमारे पति मोबाइल पर दिन भर चिपके रहते थे, लेकिन कल शाम से लेकर आज दिन भर न केवल उन्होंने हमसे व बच्चों से ठीक ढंग से बातचीत की, बल्कि आस-पड़ौस से भी रिव्यू हुए, कि कहां-कौन रह रहा है। नहीं मोबाइल पर ही उनकी नजर रहती थी।"
प्रियंका उपाध्याय, गृहणी
Published on:
04 Apr 2018 05:36 pm
