10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

40 हजार की रिश्व्त लेते पकड़े गए सब रजिस्ट्रार

आईएसबीटी स्थित पंजीयन कार्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Amit Mishra

Sep 28, 2018

news

40 हजार की रिश्व्त लेते पकड़े गए सब रजिस्ट्रार

भोपाल। आईएसबीटी स्थित पंजीयन कार्यालय में शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए सब रजिस्ट्रार अशोक शर्मा गोविंदपुरा को 40 हजार रूपए रिश्व्त लेते पकड़ा। लोकायुक्त के अधिकारियों ने बताया कि सब रजिस्ट्रार अशोक शर्मा के खिलाफ शिकायत मिल रही थी जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। जानकारी के मुताबिक सब रजिस्ट्रार अशोक शर्मा 25 सितम्बर को एक रजिस्ट्री की थी, जिसके लिए वे रजिस्ट्री करवाने वाले व्यक्ति से 2 फीसदी की रिस्वत मांग रहे थे। रजिस्ट्री करवाने वाले व्यक्ति के शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम कार्रवाई करते हुए सब रजिस्ट्रार अशोक शर्मा पकड लिया और रिश्वत के 40 हजार रूपए भी उनके पास से बरामद किए।


रजिस्ट्री का काम प्रभावित
लोकायुक्त की टीम की कार्रवाई से रजिस्ट्री का काम प्रभावित हुआ। लोगों रजिस्ट्री करवाने के लिए इधर उधर भटकना पड रहा है। रजिस्ट्री नहीं होने लोग खासे परेशान दिखे।

इसके पहले सरपंच पुत्र को पकड़ा था

आष्टा विकासखंड गांव के पगारिया हाट में बस स्टैंड पर पीएम आवास योजना के तहत मकान के नाम पर फरियादी की शिकायत पर सरपंच पुत्र को 1500 रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था और सरपंच को भी इसमें आरोपी बनाया गया था

प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम ले रहा था रिश्वत
पगारिया हाट निवासी फरियादी मोहन पुत्र उमराव मालवीय से 1500 रुपए की रिश्वत ले रहा था। लोकायुक्त डीएसपी संजय जैन ने बताया कि पगारिया हाट निवासी मोहन सिंह ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर सरपंच देवकरण मालवीय 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है।

इस पर 9 हजार रुपए में तोड़ किया गया। जिसे फरियादी मोहन सिंह 7500 रुपए पूर्व में दे चुका था। सरपंच को 1500 रुपए ओर देने थे। इस पर मोहन सिंह ने इसकी शिकायत लोकायुक्त भोपाल को कर दी। 1500 रुपए देने के लिए बुलाया गया था। सरपंच का पुत्र ओमप्रकाश मालवीय को रुपए लेते लोकायुक्त की टीम ने पकड़ लिया तथा उसे व उसके पिता को खाचरोद चौकी लेकर आ गए।