मोबाइल मेनिया हर किसी को परेशान कर रहा है। बच्चे तो इसके ऐसे एडिक्ट हो चुके हैं कि इसके बिना रह ही नहीं पाते। मोबाइल देखने की मना करने पर बच्चे मां पिता से झगड़ रहे हैं और यहां तक कि मरने—मारने पर उतारु हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल में सामने आया। घरवालों ने एक बच्ची से मोबाइल छीन लिया तो वह दिन भर उदास और अनमनी सी रही। इतना ही नहीं, उसने जहर खाकर अपनी जान भी दे दी।
मोबाइल मेनिया हर किसी को परेशान कर रहा है। बच्चे तो इसके ऐसे एडिक्ट हो चुके हैं कि इसके बिना रह ही नहीं पाते। मोबाइल देखने की मना करने पर बच्चे मां पिता से झगड़ रहे हैं और यहां तक कि मरने—मारने पर उतारु हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल में सामने आया। घरवालों ने एक बच्ची से मोबाइल छीन लिया तो वह दिन भर उदास और अनमनी सी रही। इतना ही नहीं, उसने जहर खाकर अपनी जान भी दे दी।
पुलिस और परिजनों ने बताया कि सातवीं कक्षा की यह छात्रा रोज मोबाइल फोन लेकर स्कूल जाती थी। इससे शिक्षक नाराज थे। शिकायत के बाद परिजनों ने सुबह छात्रा से मोबाइल फोन लेकर घर पर रखवा लिया। बच्ची इससे इस कदर आहत हुई कि उसने स्कूल से लौटने के बाद घर पर जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। तबीयत बिगडऩे के बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए। इलाज के बाद बच्ची ने आखिर दम तोड़ दिया।
बैरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम भैसोंदा की रहने वाली 13 वर्षीय अंजली दांगी सातवीं कक्षा की छात्रा थी। वह मोबाइल लेकर स्कूल जाती थी। शिक्षकों ने छात्रा के स्वजन को यह बात बताई और स्कूल में मोबाइल लेकर आने पर ऐतराज जताया था। इस पर स्वजन ने अंजली से उसका मोबाइल लेकर घर में छिपाकर रखवा दिया था।
इसके बाद से ही छात्रा बेहद अनमनी, उदास थी और उसने बुधवार शाम को जहरीला पदार्थ खा लिया। स्वजन को जब इसके बारे में पता चला तो वे तुरंत उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।