
भोपाल। अशोका गार्डन इलाके में दुष्कर्म पीडि़ता 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा के पास पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें छात्रा ने पिता की प्रताडऩा का जिक्र करते हुए लिखा कि अब जीने की उसकी इच्छा नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय नाबालिग अशोका गार्डन इलाके में रहती थीं।
वह दसवीं की छात्रा थीं। बुधवार सुबह करीब 11 बजे घर में फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों को जानकारी लगते ही फांसी का फंदा काटकर निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां करीब दोपहर दो बजे उसकी मौत हो गई। जांच में सामने आया कि नाबालिग चार माह पहले ज्यादती का शिकार हुई थी।
नशा कर पिता कर रहे प्रताडि़त
नाबालिग छात्रा के पिता बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर है। छात्रा के पास मिले नोट में लिखा कि पिता नशा करते हैं। वे मुझे अक्सर प्रताडि़त करते हैं। माता-पिता को संबोधित करते हुए एक सहेली के हवाले से लिखा कि उसके माता-पिता गलती करने पर उसे समझाते हंै। उसके साथ मारपीट करके सबक भी देते हैं, यह अच्छा है। इससे उसमें सुधार भी आ गया है। यह ठीक है। लेकिन आप दोनों की प्रताडऩा से मैं तंग आ चुकी हूं। अब जीने की इच्छा नहीं है..। इसलिए सुसाइड कर रही हूं।
एक साल की प्रक्रिया के बाद गौरवी और सखी हुए एक
जेपी अस्पताल स्थित एक्शन एड द्वारा संचालित गौरवी सेंटर और महिला बाल विकास द्वारा संचालित सखी सेंटर एक साल की लंबी प्रक्रिया के बाद बुधवार को एक हुए। इसकी जानकारी देते हुए एक्शन एड की रीजनल मैनेजर सारिका सिन्हा ने बताया कि दोनों संस्थाएं पीडि़त महिलाओं की मदद करने का काम कर रही थी। इससे शासन ने दोनों ही संस्थाओं को एक करने का निर्णय लिया। अब यह सेंटर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाएगा।
सखी और गौरवी संस्था जेपी अस्पताल स्थित बैंक परिसर के समर्पण भवन में शिफ्ट हो गए हैं। सेंटर की नई इमारत पीडि़त महिलाओं की सुख-सुविधा को देखते हुए तैयार की गई है। इसमें 10 बेड का शेल्टर होम भी शामिल है। सेंटर में हिंसा पीडि़त महिलाओं को विधिक, चिकित्सकीय सहायता व परामर्श देना आदि शामिल है।
Published on:
25 Apr 2018 10:09 pm
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