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भाजपा-कांग्रेस में ट्विटर फॉलोवर्स पर खिंची तलवारें

एक-दूसरे के समर्थकों को बता रहे फर्जी सोशल मीडिया पर असली-नकली की लड़ाई  

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भोपाल

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Arun Tiwari

Jun 29, 2021

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Parliamentary committee's strict message to Twitter India, said- Indian law has to be followed

भोपाल : आज की राजनीति में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है। यही कारण है कि सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस अपने सोशल एकाउंट्स पर फॉलोवर्स की संख्या बढ़ाने में जुटी हैं। इन दोनों दोनों दलों के सोशल मीडिया सेल के बीच फॉलोवर्स की संख्या को लेकर तलवारें खिंची हुई हैं। कांग्रेस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर भाजपा से ज्यादा फॉलोवर होने का दावा किया तो भाजपा की आईटी सेल ने इसे फर्जी आंकड़े बता दिए।

कांग्रेस के 48 फीसदी फॉलोवर्स फर्जी : भाजपा
भाजपा आईटी सेल के प्रभारी शिवराज डाबी कहते हैं कि कांग्रेस अपने ट्विटर अकाउंट पर 9 लाख से ज्यादा फॉलोवर होने का दावा कर रही है लेकिन उनके 48 फीसदी फॉलोवर्स फेक हैं। डाबी ने कह कि इन 48 फीसदी वे ट्विटर अकाउंट हैं जिनमें न कभी ट्वीट हुआ है और न ही इनके एक भी फॉलोवर हैं। डाबी ने कहा कि अगस्त 2019 में कांग्रेस के तीन लाख फॉलोवर्स थे जो 15 महीने में 9 लाख पर पहुंच गए,इस पर ही सवाल खड़े होते हैं क्योंकि इतनी तेजी से किसी के आंकड़े नहीं बढ़ते। कांग्रेस के पास 4 लाख 38 हजार फॉलोवर्स फर्जी हैं।

भाजपा को हुआ फेकफोबिया : कांग्रेस
कांग्रेस सोशल मीडिया प्रमुख अभय तिवारी कहते हैं कि भाजपा को फेकफोबिया हुआ है और वो बौखलाहट में झूठे आरोप लगा रही है। दरअसल ट्विटर पर कोई फर्जी नहीं होता। जिनके फालोवर्स नहीं होते या जिनके एक भी ट्वीट न हों वे निष्क्रिय कहे जा सकते हैँ लेकिन फेक नहीं कहे जा सकते। भाजपा जिस वेबसाइट के सहारे कांग्रेस के फॉलोवर्स को फर्जी बता रही है उसी बेवसाइट के आधार पर पीएम के 45 मिलियन और सीएम के 40 लाख फॉलोवर्स इसी तरह के हैं तो क्या वे भी फर्जी हैं,इसका जवाब भाजपा के पास नहीं है।