
Symptoms and Signs of Kidney stone
भोपाल। तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से किडनी की बीमारी का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। जरूरत से कम पानी पीने से किडनी में पथरी की समस्या पैदा हो जाती है। आमतौर पर यह पथरी यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है। कई लोगों में पथरी बनती है और बिना ज्यादा परेशानी के निकल भी जाती है लेकिन अगर पथरी बड़ी हो जाए तो यूरीन के रास्ते में रुकावट पैदा करने लगती है। ऐसे में यूरीन के रास्ते में असहनीय दर्द होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर हम अपनी लाइफस्टाइल में कुछ खास बातों का ही ख्याल रखें तो हम पथरी से कोसों दूर रह सकते हैं....जानिए क्या हैं किडनी स्टोन के लक्षण...
- गुर्दे की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटो या घंटो तक बना रह सकता है।
- गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोग अक्सर लगातार या दर्द के साथ पेशाब आने की शिकायद करते हैं। ऐसा तब होताहै जब गुर्दे की पत्थरी मूत्रमार्ग में मूत्राशय से चली जाती है।
- गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों के लिए एक आम समस्या है, विशेषकर कमर और कमर के निचले हिस्से में (ठीक पसलियों के नीचे जहां गुर्दे स्थित होते हैं)। दर्द पेट के निचले हिस्से से पेट और जांध के बीच के भाग में जा सकता है। यह दर्द तीव्र होता है और तंगों की तरह उठता है।
- किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों का यूरीन अक्सर गुलाबी, ग का आने लगता है और स्टोन के बढ़ने से मूत्रमार्ग ब्लॉक हो जाता है, किडनी में पथरी वाले लोगों के यूरीन में बल्ड के टिग्नेस आ सकते हैं।
- पेट में गड़बड़ महसूस करना और मिचली आना किडनी स्टोन के शुरूआती संकेतों में से एक है।
- किडनी स्टोन के मरीज को अक्सर तेज बुखार और ठंड लगने की समस्या बनी रहती है। इसके कारण यूरीन के रास्ते में संक्रमण (या यूटीआई) की संभावना बढ़ जाती है। इस अवस्था में रोगी को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
जांच और उपचार : लक्षण के आधार पर जांच का तरीका तय होता है। रेडियोलॉजिकल इंवेस्टिगेशंस जैसे- एक्सरे, अल्ट्रा-सोनोग्राफी या कम्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (सिटी) के जरिये पथरी की पुष्टि होती है। इनमें से सिटी स्कैन सबसे अधिक मानक है। पथरी का उपचार इसके आकार और जगह पर निर्भर करता है।
Updated on:
13 Dec 2019 04:22 pm
Published on:
13 Dec 2019 03:36 pm
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