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तरुण बोले- शराब पर छूट दो राजस्व मिलेगा

कैबिनेट बैठक : नई आबकारी नीति पर मंत्रियों में उभरे मतभेद
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kamalnath

madhyapradesh-mahamukabla-2019

भोपाल. प्रस्तावित आबकारी नीति को लेकर कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के बीच मतभेद उभरे। आबकारी नीति में लाइसेंस लेने पर बिल्डिंग में कहीं भी शराब पीने और अहाते खोलने की छूट की बात आई तो मंत्री दो फाड़ हो गए। वित्त मंत्री तरुण भनोत, जयवद्र्धन सिंह और प्रियव्रत सिंह ने राजस्व बढ़ाने के लिए छूट देने की बात कही। सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह और सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि अभी लोकसभा चुनाव सामने हैं, इसलिए चुनाव देखा। राजस्व की चिंता छोड़ो। इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी चुनाव की चिंता करने की बात कहकर आबकारी नीति के इन बिंदुओं को खारिज कर दिया।
अभी शराब केवल बार में बैठकर पी जा सकती है। नए प्रस्ताव में छत, कमरे या अन्य कहीं भी बैठकर शराब पीने की छूट देने की बात कही गई। इसमें कहा गया कि अभी भी लोग कहीं भी बैठकर पीते हैं। इसे कानूनी रूप मिल जाएगा तो राजस्व भी बढ़ेगा। भनोत ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए सभी बंद अहातों को भी शुरू करना चाहिए। उन्होंने सरकारी खजाने की खराब हालत बताकर पर कहा कि जीएसटी में आधा पैसा केंद्र को जा रहा है। खजाने की हालत सुधारने के लिए राजस्व बढ़ाना जरूरी है, इसलिए शराब के मामले में छूट दी जाए।

गोविंद ने कहा कि अहाते शुरू कर देते हैं तो जनता में कांग्रेस सरकार के लिए खराब संदेश जाएगा। ऐसा लगेगा कि भाजपा ने शराब पिलाना बंद कराया और कांग्रेस सरकार ने आते ही इसे शुरू करा दिया। इसे भाजपा चुनावी मुद्दा भी बना सकती है। शराब को लेकर कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए। बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया कि ड्राट बियर को रिटेल शॉप पर भी बेचने की मंजूरी दी जानी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे भी खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री कहा कि अभी जनता में कोई गलत मैसेज नहीं जाना चाहिए। बैठक में नेशनल पार्क में रेस्ट हाउस के कक्ष चार से बढ़ाकर 10 कक्ष करने का प्रस्ताव रखा गया तो कमलनाथ ने कहा अभी इसकी जरूरत नहीं है।
- अब वित्त की सहमति जरूरी
बैठक में यह फैसला भी किया गया कि आबकारी नीति में कोई भी नियम शिथिल किया जाता है तो पहले वित्त विभाग की सहमति लेना अनिवार्य होगा। अभी तक ऐसा नहीं था।