
निगमायुक्त को ट्रांसपोर्ट नगर का एरिया ही पता नहीं है। इनका कहना है पूर्व आयुक्त रहे मनीष सिंह द्वारा हर 15वें दिन ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनते थे, पर अब ये सब खत्म हो गया है। निगम की अनदेखी के कारण यहां अव्यवस्था का आलम है। निगम अधिकारी टैक्स वसूलने तो आते हैं पर जब यहां सुविधाओं की बात करते हैं तो वे मुकर जाते हैं।
बंद रहती है स्ट्रीट लाइट
ट्रांसपोर्टरों ने बताया यहां स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है। इससे आए दिन ट्रांसपोर्ट नगर में चोरी की घटनाएं हो रही हैं। यहां बाहर से आने वाले ट्रकों और ट्राले से बैटरी, डीजल और टायर तक चोरी कर ले जाते हैं। इससे बाहर से आने वाले वाहन चालक और लोग खुद को असुरिक्षत महसूस करते हैं। यहां पुलिस चौकी नहीं होने से पुलिस कभी कभार ही आती है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पुलिस गस्त कम चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों से अवैध वसूली में लगी रहती है। ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस चौकी बनाए जाने की मांग की है।
ट्रांसपोर्ट नगर में बनाया जाना था मुख्य द्वार
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में रानी आवंतीबाई के नाम पर मुख्य द्वार बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चला गया।
बी सेक्टर में नहीं है सुलभ शौचालय
ट्रांसपोर्ट नगर के बी सेक्टर में शुलभ शौंचालय की सुविधा नहीं होने से बाहर से आने वाले ट्रक चालक, क्लीनियर के साथ ही अन्य लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर निगम के जिम्मेदारों को अवगत करा चुके हैं, इसके बाद भी अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
एसोसिएशन के लिए बनाया जाना था कार्यालय
कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के लिए ऑफिस बनाए जाने के लिए भूखंड आवंटित किया जाना था, जिसे आज तक नहीं किया गया। ऐसोसिएशन के लिए ऑफिस नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों को बैठक करने के लिए बाहर या फिर किसी ट्रांसपोर्टर के ऑफिस जाना पड़ता है।
तीन सेक्टर में कोई भी पूरा विकसित नहीं
बता दें कि कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में तीन सेक्टर ए, बी और सी हैं, लेकिन इनमें से कोई सेक्टर भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं है। ऐसे में कुछ जगहों पर बड़ी-बड़ी घास उगी है। यहां सडक़, पानी, बिजली और सीवेज लाइन तक की सुविधा नहीं है। सडक़ जर्जर होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। सीवेज लाइन नहीं होने से पानी सडक़ पर बहता है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। सफाई व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है। खाली पड़ी जमीन पर जगह-जगह बअतिक्रमण किया जा रहा है। पार्किंग की जमीन पर आवास बना लिया गया है। वाहन सडक़ पर खड़े होते हैं।
शहर में जगह-जगह जो गोडाउन बने हुए हैं, उन्हें ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट किया जाए। इससे ट्रांसपोर्ट नगर में कारोबार बढऩे के साथ ही नगर निगम को भी टैक्स मिलने से राजस्व का लाभ होगा। अजय शर्मा, अध्यक्ष केंद्रीय ट्रांसपोर्ट महासभा
मैने 2008 में बिल्डिंग बनाई थी, जिसका नियमित रूप से टैक्स जमा कर रहा हूंं। फिर भी आज तक न बिजली के खंभे गाड़े गए न ही सडक़ बनाई गई। 500 मीटर दूर से अस्थायी कनेक्शन ले रखा है। दिनेश गूजर, ट्रांसपोर्ट व्यवसाई, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर
यहां कारोबार कर रहे ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं से विधायक कृष्णा गौर को अवगत करा चुके हैं। मुख्य रोड की सडक़ का निर्माण कराया है। जल्द ही अन्य समस्याओं का समाधान कराने की बात कही है।
अशोक गुप्ता असाटी, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट वेलफेयर सोसायटी
मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से लोग ट्रांसपोर्ट नगर आने से घबरा रहे हैं। निगम प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द से जल्द यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाए, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
ठाकुरलाल राजपूत, व्यवसाई, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर
कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में नगर निगम द्वारा जो प्लॉट ट्रांसपोर्टरों को दिए जा रहे हैं, उसकी कीमत ज्यादा होने से लोग इसे खरीदने में रुचि नहीं ले रहे हैं। महापौर को लीज रेंट पर ध्यान देना चाहिए। बृजेश सिंह, ट्रांसपोर्टरकोकता ट्रांसपोर्ट नगर
सेक्टर बी में सुलभ शौंचालय, पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बाहर से आने वाले ट्रक चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस चौकी नहीं होने से आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं। सतीष शर्मा,ट्रांसपोर्टर, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर
Published on:
01 Feb 2024 10:14 pm
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