भोपाल। महुआ उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश अलग पहचान बनाने में जुटा है। अब लघु वनोपज संघ इससे नए-नए उत्पाद तैयार करने में लगा है। महुआ च्यवनप्राश के बाद अब चाय-कॉफी से लेकर कैंडी बार भी तैयार किया गया है। टेस्टिंग के बाद इसे बाजार में उतारा जाएगा। वहीं, जंगलों में पाए जाने वाले अर्जुन पेड़ की छाल को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाने की तैयारी है।
दिल्ली में होगा महुआ कॉन्क्लेव
महुआ से नए उत्पाद तैयार कर ग्रामीaण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए संघ महुआ कॉन्क्लेव भी करने जा रहा है। इसमें दिल्ली आइआइटी के विशेषज्ञों से लेकर महुआ से शराब बनाने वाले गोवा के पहले स्टार्टअप को बुलाया गया है। गोवा और अन्य राज्यों में बाजार तलाशी जाएगी। दवाई बनाने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
बॉडी लोशन से फेस क्रीम तक
संघ के एएमडी दिलीप कुमार के अनुसार, महुआ से बॉडी लोशन, फेस क्रीम, चॉकलेट, कैंडी बार से लेकर चाय-कॉफी तक तैयार की गई है। पहले चरण में इसके परिणाम काफी अच्छे मिले हैं। हाल ही में आरजीपीवी के शोधार्थियों ने इससे बार कैंडी तैयार की थी। अब इससे स्नेक्स और एनर्जी ड्रिंक बनाने की भी योजना है।
आपको बता दें कि महुआ के पेड़ में विटामिन सी भरपूर होता है, इसकी सब्जी खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। महुआ का पेड़ हड्डियों को मजबूत बनाने में भी सहायक होता है। महुआ में कैल्शियम होता है, इसलिए महुआ के फल की सब्जी (Mahua Fruit Benefits in Hindi) खाने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।