
भोपाल. कोविड महामारी की वजह से 2 साल से बंद पड़े बच्चों के स्कूल अब पूरी तरह खोल दिए गए हैं। धीरे-धीरे बच्चें स्कूल आना-जाना शुरु कर रहें हैं। 2 साल से घर में ऑनलाइन स्टडी करने वाले बच्चें अब स्कूल जा रहे हैं। जिस वजह से उनमें काफी बदलाव देखने को मिल रहा हैं।
किसी को सोशलाइजेशन करने में दिक्कत आ रही है तो कुछ बच्चें ऐसे भी हैं जो एक-दूसरे से अच्छा बिहेवियर नहीं कर रहें हैं। जिसपर मनोचिकित्सक डा. शिखा रस्तौगी का कहना है कि अभी बच्चों पर पेरेंट्स और टीचर को ध्यान देंने की जरूरत है। किसी भी बात को लेकर वे बच्चों पर प्रेशर न बनाकर उन्हें प्यार से समझाएं।
पेरेंट्स व टीचर को देना होगा बच्चों
- क्लास मेंटेन के साथ बच्चों की प्रॉब्लम पर भी दें ध्यान
- प्रेशर न देकर बच्चों से करें अच्छा व्यवहार
- बच्चों के लिए बनाएं हेल्दी एनवायरमेंट
- पेरेंट्स को बच्चों को करना होगा मोटीवेट
- पॉजिटिव वे में लेकर चलेंगे तो बच्चों के विहेवियर में आएगा बदलाव
बच्चों में आएं हैं ये चेंजेस
- रिटिन वर्क का बच्चों पर पड़ रहा है लोड़
- गुस्सा व चिड़चिड़ेपन की आ रही है समस
मनोचिकित्सक डा. शिखा रस्तौगी ने कहा कि कोविड काल के दौरान दो साल से बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही थी। जिसमें उन्हें ज्यादा हेंडराइटिंग नहीं करनी पड़ती थी, लेकिन स्कूल खुलने के बाद बच्चों पर हेंडराइटिंग का ज्यादा प्रेशर पड़ रहा है। इसके अलावा अभी भी बच्चें स्कूल के माहौल को पूरी तरह समझ नहीं पा रहे हैं। वे स्कूल जाने में आना-कानी कर रहे हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि पेरेंट्स व टीचर को बच्चों पर दवाब डालना चाहिए, बल्कि उन्हें समझाना चाहिए व सपोर्ट करना चाहिए। बच्चें सुबह स्कूल की वजह से जल्दी उठ रहें हैं और कई घंटें उन्हें स्कूल में बिताने पड़ रहे हैं इस वजह से उनके ऊपर पहले से ज्यादा प्रेशर है। यहां तक कि स्कूल में बच्चों का सोशलाइजेशन भी नहीं हो पा रहा है।
परामर्श व पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, आत्मान संस्थापक सोनम छटवानी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान छोटे बच्चों ने काफी परेशानियों को फेस किया था। जिसकी वजह से उनके अंदर इरीटेशन, फ्रस्टेशन, गुस्सा करना व इनसिक्योर्टी जैसी समस्या उत्तपन्न हो रही थी। इसके साथ-साथ बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चलने से उनके अंदर याद करना व बोलने में भी काफी पीछे रह गए हैं, लेकिन पेरेंट्स व टीचर के साथ से इस समस्या को भी दूर करना है। इसके अलावा कुछ बच्चे ऐसे भी है जो ऑनलाइन क्लास को भी अभी पसंद करते हैं। इसके अलावा माता-पिता को शांत रहने के साथ बच्चों को समय भी देना चाहिएं। काफी समय से स्कूल न जाने की वजह से बच्चों के हेवियर में भी बदलाव आया है। इसमें कोई शक नहीं है कि बच्चों के स्कूल न जाने की वजह से वह ग्रुप स्टडी से काफी दूर हैं, लेकिन इसके अलावा भी बच्चों ने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान बहुत कुछ सीखा है।
Published on:
08 Jul 2022 07:57 pm
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