
कोरोना काल में दिवंगत हुई आत्माओं की अस्थियों का विधि विधान से नर्मदा में होगा विसर्जन
भोपाल
पितृपक्ष में श्राद्धकर्म, पिंडदान, तर्पण का काफी महत्व है। कोरोना काल में कई लोगों ने अपनों को खोया है। शहर के विश्राम घाटों में अब भी कई अस्थि कलश अब भी रखे हुए हैं। परिजन लॉक डाउन अथवा अन्य कारण या जानकारी के अभाव में अपने पूर्वज के अस्थि कलशों का संचय नहीं कर पाए। सुभाष नगर विश्राम घाट में रखे ऐसे अस्थि कलशों का रविवार को विधि विधान के साथ नर्मदा में विसर्जन किया जाएगा।
सुभाष नगर विश्राम घाट और संस्कार सेवा समिति की ओर से ऐसे 57 अस्थि कलशों का विसर्जन किया जाएगा, जिनके परिजन किसी कारणवश विश्राम घाट से अस्थि कलश नहीं ले जा पाए। इसके लिए रविवार को सुबह 11 बजे यात्रा निकलेगी। इसमें रथ में अस्थि कलश रखे रहेंगे, साथ ही दस चार पहिया वाहन शामिल रहेंगे। यह अस्थि विसर्जन कलश यात्रा होशंगाबाद पहुंचेगी, जहां विधि विधान के साथ तर्पण किया जाएगा।
हो रहा पिंडदान और तर्पण
सुभाष नगर विश्राम घाट में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पिंडदान, तर्पण पितृपक्ष पखवाड़े के अंतर्गत किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में कई लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करने के लिए आ रहे है। कार्यक्रम गायत्री परिवार के आचार्य सुधाकर गीतकर द्वारा कराया जा रहा है। विश्राम घाट परिसर में ही 30 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसमें पं. जितेंद्र भार्गव द्वारा कथा का वाचन किया जाएगा।
पितृपक्ष के उपलक्ष्य में गौ ग्रास कार्यक्रम
बृजमोहन रामकली गौसंरक्षण केंद्र द्वारा रविवार दोपहर दो बजे हलाली डेम स्थित गौशाला में गौ ग्रास का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अध्यक्ष प्रहलाद दास मंगल एवं प्रमोद नेमा ने बताया कि केन्द्र में उपस्थित लगभग पंद्रह सौ गायों के लिए पितृपक्ष के अवसर पर खीर पुरी एवं गुड़ का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार,दर्शन एवं आरती होगी । पितृपक्ष पखवाड़े में हर साल यह आयोजन किया जाता है।
Published on:
25 Sept 2021 11:39 pm
