
फिर वापस आ रहे हैं बादल, अब इस दिन होगी भारी बारिश!
भोपाल। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। तमाम भविष्यवाणियों के बावजूद मानसून की बारिश समय पर नहीं होने के बाद अब 5जुलाई की सुबह से व 6 जुलाई को भी अच्छी बारिश होने की संभवना बनी है। जानकारों की माने तो कुछ बादल भोपाल की तरफ तेजी से आ रहे हैं। मौसम विभाग से रिटायर्ड हुए ए के शर्मा के अनुसार मौसम विभाग के चित्रों को देखकर लगता है कि जल्द ही भोपाल में तेज बारिश आने वाली है।
जानकारी के अनुसार वैज्ञानिकों को अभी तक कोई मानसूनी सिस्टम नहीं दिख रहा है। इधर ज्योतिषियों के अनुसार भी ग्रहों की कोई ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है। फिर भी बताया जा रहा है कि 6 जुलाई से शहर में मानसून आ सकता है।
पिछले दिनों जून में कुछ समय के लिए मानसून ने शहर में दस्तक दी थी। इसके चलते लगातार 2-3 दिनों तक हल्की बूंदा बांदी भी हुई थी। जिसके चलते लोगों के मन में अच्छी बारिश की उम्मीदें जाग गई थी। पर, आषाढ़ माह के आते ही बादल चले गए। हालांकि रोजाना बारिश के बादल आते तो है। पर, बरसते नहीं। इसी के चलते मंगलवार सुबह से बारिश का मौसम बना रहा, तेज हवा भी चली। पर, बारिश के नाम पर कुछ स्थानों पर ही हल्की बूंदा बांदी हुईं।
मौसम वैज्ञानिक ए के शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों मानसून हिमालय के तराई वाले क्षेत्र की तरफ शिफ्ट हो जाने से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों से बारिश कम हो गई हैं। लगभग 4 से 5 दिन बाद अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल (सिस्टम) बनने के संकेत मिल रहे है। जिसके साथ ही बारिश आने की संभावना बढ़ रही है।
वहीं ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि 6 जुलाई की शाम 7 बजे बरसात का दूसरा नक्षत्र पुर्नवसु 15 दिनों के लिए शुरू होगा। जबकि वर्तमान में चल रहे आर्द्रा नक्षत्र के अधिपति देवता राहु हैं,जिनको नाग अर्थात सर्प का मुख माना गया है। वहीं यह भी कहा जाता है कि सर्प को वायु चाहिए न कि जल। इसीलिये लगभग 15 दिनों अर्थात 22 जून से 6 जुलाई तक जल से अधिक वायु का प्रभाव रहेगा।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार वैदिक ज्योतिष में शुभ माने जाने वाले नक्षत्रों में पुनर्वसु नक्षत्र को भी स्थान दिया जाता है और वैदिक ज्योतिष की गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले सताईस नक्षत्रों में से पुनर्वसु को सातवां नक्षत्र माना जाता है। पुनर्वसु शब्द का अर्थ जानने के लिए सबसे पहले वसु शब्द का अर्थ समझें। वसुओं को उप देवताओं के समान माना जाता है इसके अलावा वसु अपने आप में शुभता, उदारता, धन तथा सौभाग्य जैसी विशेषताओं के स्वामी होते है। पुनर्वसु का शाब्दिक अर्थ है पुन: वसु हो जाना अर्थात फिर से वसु हो जाना जिसका मतलब है फिर से धनी, सौभाग्यशाली तथा सुरक्षित हो जाना।
पुनर्वसु के इस अर्थ को ऐसे समझें कि पुनर्वसु आर्द्रा नक्षत्र के बाद आता है व आर्द्रा नक्षत्र अपने आप में धन की कमी के साथ ही उग्र स्वभाव को प्रदर्शित करता है जिसके चलते आर्द्रा नक्षत्र के प्रभाव से धन की कमी, उदारता व सौभाग्य की कमी के साथ ही सुरक्षा की कमी भी हो जाती है और इसी कमी को दूर करने के लिए पुनर्वसु नक्षत्र का आगमन होता है जो इसके नाम के अर्थ को सार्थक करता है। पुनर्वसु नक्षत्र का आगमन सौभाग्य का ***** माना जाता है साथ ही इस प्रकार पुनर्वसु शब्द का अर्थ पुन: सौभाग्यशाली हो जाना सार्थक हो जाता है। इस नक्षत्र के अधिपति देवता देव गुरू बृृहस्पति हैं।
ये रहेगा आगामी दिन का हाल..
4 जुलाई: आसमान में बादल रहेंगे, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस परेशान करेगी। शाम को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
5 जुलाई: आसमान मे बादल रहेंगे, कही कही बारिश हो सकती है, लेकिन उमस बनी रहेगी
6 जुलाई: आसमान मे बादल रहेंगे, इसके साथ ही शहर मे भारी बारिश की संभावना है।
7 जुलाई: बादलों के पीछे से सूरज आता जाता रहेगा। बारिश की संभावना कम है। 7 जुलाई को धूल भरी आंधी भी चल सकती है। यानी तेज हवाएं चलने की संभावना है।
8 जुलाई: एक बार फिर आसमान में बारिश का जमावड़ा दिखेगा। शहर में कई जगह बारिश की संभावना है। खंड वृष्टि भी संभव, लेकिन मौसम सुहावना बना रहेगा।
9-10 जुलाई: तापमान में गिरावट आएंगी, आसमान में बादल रहेंगे। कुछ जगह बारिश की संभावना हैं। कहीं कहीं बिजली भी चमक सकती है।
Updated on:
07 Jul 2018 10:50 am
Published on:
04 Jul 2018 04:49 pm
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