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MP NEWS: बेटी को किडनी देने आए पिता को काउंसलिंग के दौरान ही आ गया अटैक, मौत

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में हुई इस घटना ने सभी को दुखी कर दिया...। बेटी को किडनी डोनेट करने से पहले पिता ने दम तोड़ दिया...।

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भोपाल

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Manish Geete

Apr 05, 2024

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भोपाल में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने सभी को दुखी कर दिया। गांधी मेडिकल कालेज आए एक पिता को अचानक हार्ट अटैक आ गया और थोड़ी देर में ही उसकी मौत हो गई। पिता अपनी बेटी को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अंगदान की मंजूरी लेने के लिए अस्पताल आए थे, तभी काउंसलिंग के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल उपचार भी दिया, लेकिन काफी मशक्कत करने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

दिल्ली से 53 साल के व्यक्ति अपनी बेटी को किडनी डोनेट करने के लिए राजधानी आए थे। गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का पैनल इसके लिए काउंसिलिंग कर रहा था। इसी दौरान वे अचानक बेहोश हो गए, उन्हें इमरजेंसी विभाग तक ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना कोहेफिजा थाने में दी गई है।

जानकारी के अनुसार बेटी किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। पिता ने उसे किडनी डोनेट करने का फैसला लिया था। निजी अस्पताल में ट्रांसप्लांट को लेकर सभी प्रक्रिया पूरी हो गई थी। गुरुवार को गांधी मेडिकल कॉलेज में डोनर और रिसीवर को ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया के दौरान होने वाली सर्जरी और इसके बाद के परहेज और सावधानियों की जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान चक्कर आने के बाद वह बेहोश हो गए थे। मृतक अरुण कुमार के दामाद अरुण ठाकुर के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी बिल्डिंग में काउंसिंलिंग चल रही थी। एंबुलेंस बुलाने के 10 मिनट बाद आई। यहां से अस्पताल के इमरजेंसी विभाग ले जाया गया।

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एक जानकारी के मुताबिक देश में 3 करोड़ से ज्यादा लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के शिकार हैं। इस देश में प्रत्येक 3 सेकंड में एक व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक से हो रही है। इसमें भी 50 फीसदी लोग 50 साल से अधिक वाले हैं। 25 फीसदी लोग 40 साल से कम उम्र वाले हैं। अब इनसे कम उम्र वालों की भी संख्या बढ़ती जा रही है। क्योंकि 18 से 25 साल की उम्र के युवा सिगरेट और शराब का सेवन ज्यादा करने लगे हैं। भोपाल के हमीदिया अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस मीना कहते हैं कि ज्यादा नशा करने से हार्ट की मायकार्डियल मसल्स कमजोर हो जाती है। इन्हीं मसल्स से हार्ट का निर्माण होता है। इन मसल्स के कमजोर होने से धड़कन की गति असामान्य हो जाती है और कार्डियक फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।