
भोपाल. आषाढ़ पूर्णिमा के साथ ही रविवार से साधु संत, साध्वी, बौद्ध भिक्षुओं के चातुर्मास की शुरुआत हो गई। वर्षावास के दौरान साधु संत एक ही स्थान पर रहकर साधना करेंगे। शहर के अलग-अलग जैन मंदिरों में आचार्य, जैन मुनि, साध्वियों के चातुर्मास हो रहे हैं, इसी प्रकार अनेक बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास भी अलग-अलग बौद्ध विहारों में हो रहा है। जैन मुनियों का चातुर्मास आषाढ़ पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक होगा, वहीं बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास आषाढ़ पूर्णिमा से अश्विन पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान आध्यात्मिक प्रवचन, प्रश्नोत्तरी विभिन्न विधान सहित अनेक आयोजन नित्य किए जाएंगे।
नंदीश्वर जिनालय: जीवन में भाव मंगल तो हर पल मंगल: आचार्य विनम्र सागर नंदीश्वर जिनालय में रविवार को आचार्य विनम्र सागर का ससंघ चातुर्मास प्रारंभ हुआ। आचार्य संघ में 12 मुनि भी है। इस मौके पर मंत्रोच्चार के साथ मंगल कलश की स्थापना की गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने अष्टदृव्यों से गुरु वंदना की। इस मौके पर आचार्य विनम्र सागर ने कहा कि चातुर्मास मंगल कलश की विशेषता है जो पुण्य को बढ़ाता और पाप को घटाता है उसे ही मंगल कहते हैं, लेकिन जीवन में अगर भाव मंगल हो तो पल-पल मंगल होता है ।
शाहपुरा जैन मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना
शाहपुरा जैन मंदिर में मुनि सुदत्त सागर, भूदत्त सागर, छुल्लक चंद्रदत्त सागर के चातुर्मास के लिए कलश स्थापना विधि विधान से की गई। इस मौके पर संगीतमय पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर जैन मुनि सुदत्त सागर महाराज गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला। मंदिर समिति के संतोष जैन ने बताया कि चातुर्मास के दौरान यहां अनेक आयोजन होंगे। कलश स्थापना समारोह में महापौर मालती राय, पार्षद स्नेहलता रघुवंशी सहित अनेक लोग मौजूद थे।
अशोका गार्डन जैन मंदिर: मुनिश्री को भेंट किए शास्त्र
जैन मुनि विश्वसूर्य सागर महाराज का चातुर्मास अशोका गार्डन जैन मंदिर में शुरू हुआ। इस मौके पर चातुर्मास कलश स्थापना धूमधाम से की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ आचार्य विद्यासागर के चित्र का अनावरण किया। ब्रह्मचारी सुमत भैया के निर्देशन में विभिन्न कार्यक्रम हुए। महिला मंडल की ओर से मुनिश्री को शास्त्र भेंट किए गए। इस मौके पर जैन मुनि विश्वसूर्य सागर ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
बुद्ध विहार चूनाभट्टी: यह धम्म ज्ञान अर्जित करने का समय: भंते सागर
बुद्धभूमि महाविहार चूनाभट्टी में भंते शाक्यपुत्र सागर, राहुल पुत्र, भंते संघशील का वर्षावास प्रारंभ हुआ। इस मौके पर उपासक उपासिकाओं ने अष्टशील प्रदान किया और धम्म चक्र प्रवर्तन सुत्त का पठन किया। इस मौके पर भंते शाक्यपुत्र सागर ने वर्षावास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह धम्म ज्ञान अर्जित करने का समय है। वर्षावास कई दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए इसमें हमे सभी तरह की निर्देशों का पालन करना चाहिए।
करुणा बुद्ध विहार- वंदना, परित्राण पाठ
तुलसी नगर के करुणा बुद्ध विहार में भंते धम्मविजय का वर्षावास प्रारंभ हुआ। इस मौके पर बुद्ध वंदना, परित्राण पाठ सहित अन्य आयोजन हुए। उपासक उपासिकाओं ने भिक्षु संघ को पंचशील और अष्टशील ग्रहण कराया। इस मौके पर उपदेश देते हुए भिक्षु संघ ने कहा कि उपासक-उपासिकाओं व्दारानियमो का पूरी निष्ठा से पालन सुनिश्चित होगा, तब ही आपके व्दारा लिया गया उपोसत व्रत का अधिष्ठान आपके लिए फलदायी होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रदधालु मौजूद थे।
Published on:
22 Jul 2024 12:06 pm
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