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मंत्री बोले – पहले वैध कॉलोनियों को निगम में शामिल करा दीजिए

अवैध कॉलोनियों को वैध करने के फैसले पर उठाए सवाल

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Nagaur housing board colony

House of Dr. Bhimrao Ambedkar Residential colony

भोपाल. राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अवैध कॉलोनियों को वैध करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि प्रदेश में हाउसिंग बोर्ड, विकास प्राधिकरण, प्राइवेट बिल्डर और कॉलोनाइजर की बनाई हुई कई वैध कॉलोनियों का हस्तांतरण नगरीय निकायों में नहीं हुआ है। इनमें रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। एेसी कॉलोनी को नगरीय निकाय में हस्तांतरित करने के नियम सरल बनाएं। इन्हें निकायों में शामिल करवाएं। इसके अलावा ऐसे नियम भी बनाए जाएं कि भविष्य में एेसी कॉलोनियां पूरी होते ही पूर्णता प्रमाणपत्र देना जरूरी हो। उनका हस्तांतरण नगरीय निकाय में माना जाए।

- व्यक्तिगत दिए जाएं नल कनेक्शन
उमाशंकर गुप्ता ने चिट्ठी में ये भी जिक्र किया कि मल्टीस्टोरी बिल्डिंग या कॉलोनी में पेयजल के लिए बल्क कनेक्शन देने का नियम है। जब लोग यहां रहने लगते हैं तो व्यवहारिक रूप से ये मुमकिन नहीं हो पाता है। सभी लोग मिलकर राशि एकत्रित कर जमा नहीं कर पाते हैं। इससे कनेक्शन काट दिया जाता है। बल्क नल कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत कनेक्शन देने के नियम बनाए जाएं।

- रहवासी जमा कर सकेंगे लीज रेंट
गुप्ता ने कहा कि सरकार से लीज पर ली गई जमीन पर निर्माण करने वाली हाउसिंग सोसाइटी को लीज रेंट जमा करना होता है। लीज रेंट जमा नहीं होने की स्थिति में कॉलोनी के विकास कार्य में मुश्किल पैदा होती है। उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जल्द ही राजस्व नियमों में संशोधन किया जा रहा है। नियम में बदलाव के बाद लोग अपने-अपने हिस्से का लीज रेंट सीधे जमा कर सकते हैं।

- सीएम ने दिए हैं वैध करने के निर्देश
सीएम ने अधिकारियों को १५ अगस्त तक अवैध कॉलोनी को वैध करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में करीब ५१९७ अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें चार लाख परिवार और २० लाख सदस्य रहते हैं। सरकार दिसंबर २०१६ तक की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी में है। इस अभियान की शुरूआत सात अप्रैल को ग्वालियर से होगी।

मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन समस्याओं का जिक्र किया है, जिनसे आमतौर पर लोग जूझते हैं। वैध कॉलोनियों के नगरीय निकाय में हस्तांतरण न होने से लोग सारे टैक्स देने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहते हैं। कुछ नियमों में बदलाव बहुत जरूरी हैं।
- उमाशंकर गुप्ता, राजस्व मंत्री