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भोपाल को पहचान देने वाली बेगम का मकबरा बेहाल, पत्थर भी नहीं बचे, जनसहयोग से सुधार

- 25 फरवरी को शबे बारात, इससे पहले कब्रिस्तान और मक़बरों की सफाई के लिए जमीयत उलेमा चला रही अभियान- राजधानी में वर्तमान में 32 कब्रिस्तान, कभी 188 थी संख्या

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भोपाल

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Shakeel Khan

Feb 15, 2024

भोपाल को पहचान देने वाली बेगम का मकबरा बेहाल, पत्थर भी नहीं बचे, जनसहयोग से सुधार

भोपाल को पहचान देने वाली बेगम का मकबरा बेहाल, पत्थर भी नहीं बचे, जनसहयोग से सुधार

भोपाल। वर्तमान में नजर आने वाली राजधानी की कई खूबसूरत इमारतों का निर्माण भोपाल की जिस बेगम के शासन काल में हुआ उनकी कब्र और मकबरे को कोई देखने वाला नहीं है। िस्थति ये हैं कि यहां पर जो पत्थर लगाए गए थे उनमें से अधिकांश अब नहीं बचे। जनसहयोग से इसमें सुधार किया जा रहा है। यह िस्थति राजधानी में अधिकांश कब्रिस्तानों और मकबरों की भी है। शबे बारात से पहले इसमें सुधार के लिए जमीयत उलेमा अभियान चला रही है।

राजधानी में करीब 32 कब्रिस्तान हैं। वहीं दर्जनों मकबरें हैं। इनमें से अधिकांश पर पुरातत्व ने जानकारी देने के लिए सूचना तो लगा रखी है लेकिन नगर निगम और वक्फ बोर्ड की ओर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए। ऐसे में यहां पर कब्जे हो गए हैं। शबे बारात 25 फरवरी को होगी। इस दिन दुनिया से जा चुके लोगों ंकी कब्रों पर फातिहा पढ़ने मुस्लिम समुदाय के लोग कब्रिस्तानों में जाएंगे। ऐसे में यहां की साफ सफाई और कब्जों को हटाने के लिए मांग उठी है। जमीयत उलेमा मप्र के इमरान हारून ने बताया कि अभियान चलाकर इस दिशा में काम हो रहा है।
नारियल खेड़ा स्थित मक़बरा शाहजहाँ बेग़म पहुंच कर जमीयत की टीम ने साफ सफाई की है। इमरान ने बताया कि यहां मक़बरा पूरी तरह बदहाल है। दीवारें टूट चुकी हैं। लाइट साफ सफाई के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां रंग रोगन किया गया। कुछ स्थानों पर सुधार कार्य भी कराए गए हैं। भोपाल टॉकीज िस्थत सिद्दीक हसन खां मकबरा भी अनदेखी का शिकार हो रहा है। लोगों ने बताया कि सुधार के लिए वक्फ बोर्ड और नगर निगम की ओर कोई मदद नहीं मिल रही है।

25 फरवरी से पहले सुधार की मांग
शबे बारात 25 फरवरी को होगी। इससे पहले शहर के कब्रिस्तानों में लाइट और सफाई इंतजामों के लिए वक्फ बोर्ड और नगर निगम से मांग की गई है। ज्ञापन भी सौंपा गया है। बताया गया कि लोगों को परेशानी न हो इसके लिए पहले से तैयारी की जाए।

कब्रों के आसपास वाहनों की पार्किंग, कब्रिस्तानों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
बताया गया कि कब्रिस्तानों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। कई जगह बाउंड्री बाल तोड़ दी गई। यहां से आवाजाही के रास्ते बन गए हैं। भोपाल टाकीज के पास तो कब्रिस्तान के पास दुकानें खुल गई। कब्रों के आसपास वाहनों की पार्किंग हो रही है। इमरान ने बताया कि यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। सुरक्षा के लिए इंतजाम होने चाहिए।