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शहर से सटे गांव में चल रही थी शराब फैक्ट्री

शहर से सटे गांवों में कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा बखूबी फलफूल रहा है।

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बैतूल।शहर से सटे गांवों
में कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा बखूबी फलफूल रहा है। इसका खुलासा आबकारी विभाग
द्वारा वन विभाग और पुलिस की संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई में हुआ है। शुक्रवार
को की गई छापामार कार्रवाई में आबकारी ने दस हजार किलो महुआ लाहन और 800 किलो कच्ची
शराब नष्ट की है।


आबकारी, वन विभाग और पुलिस विभाग ने दलबल के साथ
शुक्रवार को संयुक्त रूप से शहर के आसपास मरामझिरी, हर्राढाना, जामठी, चिखलार में
छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के लिए आबकारी महकमा भारी दलबल के साथ पहुंचा।
अधिकारियों और कर्मचारियों को देखकर शराब माफिया फरार हो गए। गांवों के आसपास नदी
और नालों में भारी मात्रा में कच्ची शराब बनाई जा रही थी। इसके लिए अवैध रूप से
जंगल भी काटे जा रहे थे। शराब माफियाओं के भागने पर कार्रवाई के लिए पहुंचे अमले ने
भारी संख्या में महुआ लाहन और कच्ची शराब नष्ट की है।

आबकारी विभाग के एडीईओ
संतोष्ा बागड़े ने बताया कि कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल और आबकारी अधिकारी दीपाम
राइचुरा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की जा रही है।


त्योहारी सीजन
में अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने आबकारी, पुलिस और वन विभाग की टीम संयुक्त
रूप से कार्रवाई कर रही है। संयुक्त रूप से शहर के आसपास गांवों में छापामार
कार्रवाई कर दस हजार किलो महुआ लाहन और आठ सौ लीटर कच्ची शराब नष्ट की है। शराब
माफियाओं पर केस भी दर्ज किए हैं। अन्य गांवों में भी दल बल के साथ छापामार
कार्रवाई की जाएगी।