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ये आंकड़े डरा रहे हैं….देश के औसत अपराध दर से 12.4 प्रतिशत ज्यादा रहा मप्र का अपराध दर

- बुजुर्गों और आदिवासियों पर अपराध के मामले में मप्र देशभर में अव्वल

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एनसीआरबी की साल 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक मप्र में अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक मप्र में वर्ष 2022 में कुल 488966 अपराध दर्ज किए गए, जो वर्ष 2021 की तुलना में 13048 अधिक हैं। अपराधों के मामले में मप्र देश में चौथे पायदान पर है। आईपीसी के तहत प्रदेश में वर्ष 2022 में 5488 अपराध कम हुए। वर्ष 2021 में इनकी संख्या 304066 थी, जो वर्ष 2022 में घटकर 298578 रह गई।

वहीं सूबे में आधी आबादी की सुरक्षा ताक पर है। चाहे भले ही खाकी सुरक्षा के लाख वादे करती हो लेकिन एनसीआरबी के आंकड़े इनके दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। दरअसल प्रदेश में महिला दुष्कर्म के मामले बढ़े हैं। मप्र पूरे देश में इस मामले में तीसरे नंबर पर है। पूरे देश में साल 2022 में दुष्कर्म के 31000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। उसमें राजस्थान में सबसे ज्यादा 5399, उत्तरप्रदेश में 3690 और मध्यप्रदेश 3039 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं मप्र में महिला छेड़खानी के 6536 केस दर्ज हुए हैं। और अपहरण के 10563 केस दर्ज हो चुके हैं।

बाल शोषण के मामले में भी मप्र दूसरे नंबर पर

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश बाल शोषण के मामले में भी शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। बाल शोषण मामले में जहां महाराष्ट्र पहले नंबर है तो मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 20762 मामले दर्ज किए गए हैं। तो दूसरे स्थान में शामिल मध्यप्रदेश में 20415 अपराध दर्ज किए गए हैं। तो वहीं यूपी में 18682, राजस्थान में 9370 और पश्चिम बंगाल में 8950 मामलों दर्ज हुए हैं।

नाबालिग से बलात्कार के मामले में एमपी तीसरे स्थान पर

यौन अपराध में बच्चों के संरक्षण अधिनियम, बाल बलात्कार, यौन उत्पीड़न और पॉस्को अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न के मामले भी मप्र में बड़ी संख्या में सामने आए हैं। इस मामले में मप्र तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में पिछले साल पॉस्को संबंधित धाराओं के तहत कुल 5951 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3653 मामले बलात्कार, 2233 यौन उत्पीड़न और 42 मामले उत्पीड़न से संबंधित थे।

देश के औसत अपराध दर से 12.4 प्रतिशत ज्यादा मप्र के अपराध का ग्राफ

मध्यप्रदेश में अपराधों का ग्राफ देश के औसत अपराध दर से कहीं ज्यादा रही। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश में 2022 के दौरान औसत अपराध दर 66.4 प्रतिशत दर्ज की गई। जबकि मध्यप्रदेश में औसत अपराध दर 78.8 प्रतिशत दर्ज की गई। यानी देश की औसत अपराध दर से मध्यप्रदेश की औसत अपराध दर 12.4 प्रतिशत ज्यादा है। बता दें मध्यप्रदेश इस श्रेणी में टॉप 10 में शुमार है। जबकि दिल्ली 144.4 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है।

प्रदेश में बुजुर्गों के सबसे बुरे हालात

बुजुर्गों से अपराध के मामले में मप्र देश में पहले नंबर पर है। वर्ष 2022 में यहां बुजुर्गों से अपराध के 6187 प्रकरण दर्ज किए गए, जो देश में सबसे अधिक थे। वर्ष 2021 की तुलना में प्रदेश में 914 मामले अधिक सामने आए। बुजुर्गों से अपराध के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। यहां 5059 प्रकरण दर्ज हुए, वहीं तमिलनाडु में ये आंकड़ा 2376 रहा। बुजुर्गों की हत्या के मामले में मप्र तीसरे नंबर पर हैा। यहां एक साल में 129 प्रकरण दर्ज हुए। वहीं तमिलनाडु पहले और महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है।


आदिवासियों पर अपराध में मप्र अव्वल

अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ होने वाले अपराधों में मप्र पहले नंबर पर है। यहां वर्ष 2022 में 2979 प्रकरण दर्ज हुए। वहीं वर्ष 2021 में ये आंकड़ा 2627 था। अनूसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों में राजस्थान दूसरे नंबर पर है। यहां 2521 प्रकरण दर्ज हुए। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के खिलाफ अपराधों के मामले में मप्र चौथे स्थान पर है। यहां एक साल में 7733 प्रकरण दर्ज हुए। वर्ष 2022 में ये 7214 थे। हालांकि उप्र इस मामले में पहले नंबर पर है। यहां 15368 मामले दर्ज हुए। वहीं 8752 प्रकरणों के साथ राजस्थान दूसरे नंबर पर है।

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