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अगर आपके मोबाइल या कम्प्यूटर में नजर आएं ये बदलाव, तो हैकिंग के शिकार हैं आप

अगर आपके मोबाइल या कम्प्यूटर में नजर आएं ये बदलाव, तो हैकिंग के शिकार हैं आप

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भोपाल।डिजिटल इंडिया होने के बाद से पूरी भारत में तेजी से साइबर अपराध के मामले बढ़े हैं। बैंको से लेकर सरकारी मंत्रालयों तक कुछ भी हैकर्स से सुरक्षित नहीं है। पिछले कुछ समय में हमारे सामने ऐसे कई मामले आए हैं जहां साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी के बाद तो ऐसे मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। भारत में नोटबंदी के बाद सरकार ने लगातार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जिसके बाद से तेजी से साइबर फ्रॉड होना शुरू हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन दुनिया में लोग सुरक्षा को लेकर बहुत अलर्ट नहीं रहते हैं। इस वजह से कुछ लोग उनकी इसी लापरवाही का फायदा उठाकर उनका डाटा, अकाउंट आदि हैक कर लेते हैं। कुछ लोगों को तुरंत इस हैकिंग का पता चल जाता है वहीं कुछ लोगों को इसका पता नहीं चलता है। कई बार फोन, कंप्यूटर और लैपटॉप को ही हैकर्स हैक कर लेते हैं। अब सवाल यह है कि कैसे पता चलेगा कि आपका स्मार्टफोन या कंप्यूटर हैक हो गया है। आज आपको शहर के साइबर एक्सपर्ट मुनीस अली बताएंगे कि कैसे आप पता लगाएं कि आपका मोबाइल या कम्प्यूटर हैक किया जा चुका है।

- कोई भी स्मार्टफोन हैक होता है तो सबसे पहले उसमें पॉप अप आने लगते हैं। ये पॉप अप ऐसे होंगे जो आपको प्ले स्टोर में जाकर कोई एप इंस्टॉल करने की सलाह देंगे। कभी कभी ऐसे पॉप अप आपको स्मार्टफोन में आ गए वायरस की भी झूठी जानकारी दे सकते हैं या किसी अपडेट या नोटिफिकेशन के बारे में बता सकते हैं।

- इसके अलावा यदि आप स्मार्टफ़ोन पर आप कोई काम नहीं कर रहे हैं और उसके बाद भी ऐसे पॉप अप आपको दिखाई देते हैं तो आपके लिए ये चिंता का विषय है। इसके अलावा अगर आपके हैंडसेट में डाटा का इस्तेमाल अचानक बढ़ गया है तो आपके लिए ये खतरे की घंटी है।

- हैकर्स आम यूजर्स से ज्यादा एडवांस होते हैं. लोग कई बार एंटी वायरस इंस्टॉल कर निश्चित हो जाते हैं. लेकिन हैकर्स इससे भी पार पा सकते हैं. हैकर्स कई बार एंटी वायरस और सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को बंद कर देते हैं. अगर आपको जरा भी संदेह होता है कि आपका एंटी वायरस काम नहीं कर रहा है तो समझ लीजिए कि आप हैकिंग के शिकार हो गए हैं.

- अपना ब्राउजर हमेशा चेक करते रहें, क्योंकि ऐसा भी हो सकता है कि आप आपके ब्राउजर में कोई एक्सटेंशन पड़ा हो और वह आपकी जासूसी कर रहा हो. कई बार कुछ एक्सटेंशन या सॉफ्टवेयर किसी वेबसाइट के जरिए सिस्टम में आ जाते हैं और इनके जरिए हैकर्स आप तक पहुंच सकते हैं.

- यदि आपको ऐसा लगता है तो अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जा कर डेटा यूसेज पर जांए और उसके बाद एप यूसेज में चेक करें। अगर कोई एप बहुत ज्यादा डाटा खा रहा है तो उस पर नजर रखना जरूरी है। इसके बाद यदि आपको लगता है कि आपका स्मार्टफोन हैक हो गया है तो सबसे पहले किसी भी एंटी वायरस का इस्तेमाल करके फोन को स्कैन करें।

- इसके बाद यदि आपके फोन पर ऐसा कोई एप है जो आपने डाउनलोड नहीं किया था, तो उसे अनइंस्टॉल कर दें। ऐसे एप भी वायरस का कारण हो सकते हैं। अपने स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को अगर आप हमेशा अपडेट करते रहेंगे तो हैकिंग का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा एंड्रॉयड स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां समय समय पर साफ्टवेयर रिलीज करती है जिनसें अपने फोन को अपडेट करके आप उसें सुरक्षित कर सकते हैं।

- एक संकेत यह भी है कि अगर आपका सिस्टम लगातार अपने-आप बंद हो रहा है या फिर री-स्टार्ट हो रहा है तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपका सिस्टम हैक हो गया है. ऐसे में बहुत जरुरी है कि इंटरनेट पर सर्फिंग करते समय अनसेफ वेबसाइट पर विजिट ना करें।