
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 /strong> के लिए भाजपा के सियासी चक्रव्यूह में बची हुई जीती सीटों में बाकी 67 टिकट के विधायक-मंत्रियों पर अब सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। भाजपा ने अब तक सिर्फ तीन टिकट काटे हैं इसलिए टिकट काटने की कैंची अब इन 67 सीटों पर ही चलेगी। इनमें ही सबसे ज्यादा विधायकों को निराशा हाथ लग सकती है। यही वजह है कि भाजपा ने फिलहाल इन टिकटों को रोक दिया है। इनमें कई चौंकाने वाले नाम भी हैं, जिनका रुकना ये बताता है कि पार्टी फिलहाल टिकट पर सहमत नहीं है। इनके नाम की जगह दूसरे नाम आ सकते हैं।
खतरे में मंत्रियों के टिकट:
अहम ये है कि नौ मंत्रियों के टिकट भी रोके गए हैं, इनमें से महज यशोधरा राजे सिंधिया ने चुनाव लडऩे से इनकार किया है। गौरीशंकर बिसेन बेटी मौसमी का टिकट चाहते हैं। बाकी मंत्रियों के टिकट अब खतरे में हैं। इनमें से चार तो सिंधिया खेमे के हैं।
किस सूची पर क्या संदेश
प्रमुख नाम: जीते विधायकों की अब ऐसी स्थिति
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा का टिकट रुका हुआ है। मंत्री विजय शाह का टिकट हो चुका है, लेकिन विधायक भाई संजय का टिकट बाकी है। परिवारवाद के फॉर्मूले के तहत टिकट पर संशय है। इंदौर में विधायक महेंद्र हार्डिया का टिकट रुका है। कैलाश विजयवर्गीय को टिकट के कारण बेटे आकाश का टिकट कटना तय माना जा रहा है। यहां उषा आना चाहती हैं। भोजपुर सीट पर सुरेंद्र पटवा की छवि खराब होने से पार्टी टिकट को लेकर चिंतन में है। विक्रम वर्मा की पत्नी नीना का धार से टिकट बाकी है। अशोकनगर विधायक जज्जी जाति प्रमाण-पत्र की कानूनी उलझनों में उलझ गए थे।
सर्वे-फीडबैक में खराब रिपोर्ट
सर्वे-फीडबैक के आधार पर प्रत्याशियों की स्थिति देखी जा रही है। कई नामों की स्थिति खराब मिली है। हालांकि खराब फीडबैक के बावजूद चौथी सूची में कई विधायकों को टिकट मिला है, इसलिए आगे भी स्थानीय, जातिगत समीकरणों के आधार पर भी फैसला होगा।
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Updated on:
12 Oct 2023 10:29 am
Published on:
12 Oct 2023 10:27 am

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