
गले के कैंसर के लक्षण और भूलकर भी न करें इसे नज़रअंदाज़
भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश में इन दिनों गले के कैंसर से जुड़े कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जानकारोें के अनुसार कैंसर जानलेवा बीमारी है। एक बार इसकी चपेट में आने से जिंदगी नरक बन जाती है। भारत ही नहीं, दुनिया भर में शरीर के सभी तरह के कैंसर में गले का कैंसर सबसे अधिक कॉमन है। इसका मुख्य कारण तंबाकू माना जाता है।
डॉ. जीतेंद्र गुप्ता कहते हैं कि अगर हमें इस खतरनाक बीमारी से बचना है तो तंबाकू के सेवन से दूर रहना होगा। इसके अलावा इसके लक्षणों को जरा सा भी नजरअंदाज करना व्यक्ति को भारी पड़ सकता है।
उनके मुताबिक तंबाकू के सेवन से कैंसर की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। यही कारण है कि 50 फीसद पुरुष इस बीमारी से ग्रस्त हैं। इसलिए ध्यान रखें, तंबाकू का सेवन शराब हो या गुटखा किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए के लिए हानिकारक है। उन्होंने कैंसर की बीमारी से बचने के साथ ही उपचार के बारे में कई बातें बताईं।
ये हैं गले के कैंसर का मुख्य कारण...
- तंबाकू का सेवन
- एल्कोहल व निकोटीन का साथ सेवन
- विटामिन बी व डी की कमी
- मुंह में लंबे समय तक घाव
- ह्यूमन पेपीलोमा वायरस का संक्रमण
- धूल के अलावा केमिकल डस्ट ये हैं बीमारी के लक्षण
मुंह, गाल व जीभ में घाव ठीक नहीं होना
- आवाज बदलना या भारीपन होना
- खाना खाने में परेशानी होना
- गले में जकड़न
- नींद कम आना
- लगातार वजन कम होना
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय...
- धूमपान का सेवन न करें
- शराब के सेवन से बचें
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें
- नियमित व्यायाम करें शुरुआती स्टेज में इलाज कारगर
डॉक्टर्स बताते हैं कि बीमारी की चपेट में आ गए हैं तो भी लक्षणों को समझते हुए पहली स्टेज में ही इलाज करा लेना बेहतर होगा। चौथी स्टेज पार कर जाने के बाद मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। वर्तमान में कम उम्र के युवा भी तेजी से गले के कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
चौंकाने वाला है, ये आंकड़ा...
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में प्रतिवर्ष कैंसर के 1.4 करोड़ नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत में करीब सात लाख मौतें कैंसर से हो रही हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि पूरे भारत में 35 फीसद मरीज गले के कैंसर के हैं। प्रतिवर्ष इस बीमारी के 11 लाख नए मरीज आ रहे हैं। इस समय 25 से 30 लाख मरीज गले के कैंसर से ग्रस्त हैं।
जीभ का कैंसर...
जानकार बताते है कि जो लोग पान मसाला अधिक चबाते हैं। उनमें गाल व जीभ का कैंसर अधिक होता है।
कैंसर के लक्षण...
वहीं डॉ. सुधीर पांडे के अनुसार अगर आपको खाना पचाने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। कुल मिलाकर कैंसर का जरा सा भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए...
1. कफ या गले में खिचखिच: अगर गले में खराश बनी रहती है और खांसने में खून भी आ जाता है, तो ध्यान दें। जरूरी नहीं कि यह कैंसर ही हो, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी हैं खासकर अगर कफ ज्यादा दिन तक बना रहे।
2. मूत्र में रक्त: डॉक्टर बेवर्स के मुताबिक, "अगर मूत्र में रक्त आता है तो ब्लाडर या किडनी का कैंसर हो सकता है, लेकिन यह इंफेक्शन भी हो सकता है।"
3. दर्द बरकरार: डॉक्टर बेवर्स बताते हैं, "हर तरह का दर्द कैंसर की निशानी नहीं, लेकिन अगर दर्द बना रहे, तो वह कैंसर भी हो सकता है।" जैसे कि सिर में दर्द बने रहने का मतलब यह नहीं कि आपको ब्रेन कैंसर ही है, लेकिन डॉक्टर से मिलना जरूरी है। पेट में दर्द अंडाशय का कैंसर हो सकता है।
4. निगलने में तकलीफ: गले में कैंसर का एक बहुत अहम संकेत यह भी है। गले में तकलीफ होने पर लोग आमतौर पर नर्म खाना खाने की कोशिश करते हैं, लेकिन डॉक्टर के पास नहीं जाते, जो कि सही नहीं है।
5. आवाज में भारीपन आना.. गौरतलब है कि जिनके गले में कैंसर होता है उनकी आवाज में बदलाव आना और गले का बैठ जाना आदि लक्षण दिखाई देते है।
6. कान, गले और सर में दर्द होना.. गौरतलब है कि अगर लम्बे समय तक आपके कान, गले और सर में दर्द बना रहे, तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करे। वो इसलिए क्यूकि ये गले के कैंसर का सबसे शुरुआती लक्षण है. जी हां दरअसल कैंसर होने के बाद गले की ग्रंथिया सूज जाती है और दर्द करने लगती है।
7. लगातार खांसी का आना.. अब यूं तो आम तौर पर लोग खांसी को हल्के में ले लेते है और इसे नजरअंदाज कर देते है। मगर यदि आपको काफी लम्बे समय से लगातार खांसी आ रही हो तो, इसे नजरअंदाज न करे, क्यूकि ये कैंसर का संकेत हो सकता है। इसलिए एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं.6. तेजी से वजन का कम होना..
Published on:
01 Oct 2018 03:12 pm
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