
thyroid
भोपालः आज के समय में थायराइड बहुत आम सी समस्या बनती जा रही है। इससे ग्रस्त लोगों को संख्या रोज़ाना बढ़ती जा रही है। ये एक गंभीर बीमारी है, जो धीरे-धीरे पीड़ित को ग्रस्त कर देती है। थायरॉइड में बीमारी के कारण कई बार ये ग्रंथियां ज्यादा हार्मोन्स रिलीज करने लगती है और कई बार जरूरत से कम। इसमें हाइपरथायरॉइडिज्म एक ऐसी समस्या है, जिसमें मरीज की थायरॉइड ग्रंथियां सामान्य से ज्यादा थायरॉक्सिन हार्मोन्स बनाने लगती हैं, जिससे मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के लक्षण शुरुआत में ही समझ लिये जाएं तो समय रहते इसका उपचार किया जा सकता है। आइये जाने उसके बारे में...।
थायरॉइड हार्मोन बढ़ने के शुरुआती संकेत
-हर समय थकान महसूस होना
-जल्दी नींद न आना और देर रात तक जागना
-जल्दी-जल्दी भूख लगना
-ज्यादा खाने के बावजूद तेजी से वजन कम होने लगना
-चिंतित रहना, हाथों में कंपन्न, पसीना आना, सीने में दर्द व सांस लेने में समस्या होना।
-एकाग्रता में कमी होना और आंखों में सूजन आना।
-दिल की धड़कन तेज होना व मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना।
-ज्यादा गर्मी लगना।
-गले के सामने व निचले हिस्से में थायराइड ग्रंथि का बड़ा होना।
-थकान, बालों का झड़ना व डायरिया होना।
थायराइड हो सकता है खतरनाक
थायराइड एक ऐसी समस्या है, जिसका समय रहते उपचार ना किया जाए तो ये जीवनभर पीड़ित के साथ बंदी रहती है, साथ ही, इसके ज्यादा बढ़ जाने पर व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट, एरिथमिया (हार्टबीट असामान्य होना), ऑस्टियोपोरोसिस, कार्डियक डायलेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था में ऐसा होने पर गर्भपात, समयपूर्व प्रसव, प्रीक्लैम्पिसिया (गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना), गर्भ का विकास ठीक से न होना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
ऐसे करें थायराइड से बचाव
थायराइड होने के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। अगर आपको लगता है कि आपको हाइपरथायराइडिज्म की समस्या है तो डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं। याद रहें हाइपरथायरॉइडिज्म की समस्या पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को होती है। इलाज के बावजूद समय-समय पर थायराइड की जांच करवाते रहना चाहिए। इस बीमारी की मुख्य वजह ग्रेव्स रोग है, इसमें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बिगड़ती है, जिसकी वजह से थायराइड हार्मोन का निर्माण बढ़ जाता है। अगर हाइपरथायरॉइडिज्म का इलाज ना करवाएं तो यह गंभीर रुप ले सकता है जिसमें रोगी की जान भी जा सकती है।
इस तरह करें थायराइड का इलाज
थायरॉइड के इलाज के लिए सबसे पहले डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर शरीर में थायराइडहार्मोन की जांच करता है और ये पता लगाता है कि मरीज को कौन सा थायराइड रोग है। इसके बाद एंटीथायराइड दवाओं के जरिए थायराइड पर काबू किया जाता है। कई बार रेडिएक्टिव आयोडीन गोली व द्रव्य के रुप में रोगी को दिया जाता है। कुछ मरीज, जिनमें थायराइड की समस्या गंभीर रूप ले लेती है, उनमें सर्जरी के जरिए थायराइड ग्रंथि को निकालना पड़ता है।
Published on:
09 Mar 2019 04:03 pm
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