13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाघ को शहर में आने से रोकेंगे पहरेदार

भोपाल . शहरी इलाके में बाघ की आमद को रोकने के लिए वन विभाग अब इसके एंट्री प्वाइंट पर पहरेदारी करेगा। बाघ जंगल में अपनी हद में रहे और लोग भी इसकी सीमा में न जा पाएं, इसके लिए विभाग ने टीमें गठित करनी शुरू कर दी है। ये टीमें शहर से लगे जंगलों के […]

2 min read
Google source verification

image

rb singh

Dec 03, 2016

tiger attack human

tiger attack human


भोपाल
. शहरी इलाके में बाघ की आमद को रोकने के लिए वन विभाग अब इसके एंट्री प्वाइंट पर पहरेदारी करेगा। बाघ जंगल में अपनी हद में रहे और लोग भी इसकी सीमा में न जा पाएं, इसके लिए विभाग ने टीमें गठित करनी शुरू कर दी है। ये टीमें शहर से लगे जंगलों के उन प्वॉइंटस पर निगरानी करने के लिए लगाई जाएंगी, जहां से बाघ शहर में प्रवेश करता है। इसके लिए वन विभाग ने एेसी जगहों को भी चिह्नित करना शुरू कर दिया है।


बता दें पिछले 15 दिन में बाघ के राजधानी के आसपास के शहरी इलाकों में आने की आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं। तीन जगह उसने मवेशियों और अन्य जानवरों का शिकार भी किया है। गनीमत यह रही कि कहीं पर भी मानव और बाघ में भिड़ंत नहीं हुई, लेकिन भविष्य में एेसी किसी अनहोनी को टालने के लिए वन विभाग पहले से ही सावधानी बरत रहा है। इसी के मद्देनजर ये टीमें बनाई जा रही हैं।


मंत्री को हिदायत, बढ़ाएं कैशलेस ट्रांजेक्शन

सीएम ने मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में जनता को कैशलेस ट्रांजेक्शन के प्रति जनता को जागरूक करने और इसे बढ़ावा देने के लिए कहा। प्रदेश में कैशलेस ट्रांजेक्शन किस तरह अपनाया जाए इसे लेकर वित्त मंत्री जयंत मलैया की अध्यक्षता में अफसरों की कमेटी बनेगी। यह कमेटी तय करेगी कि किस तरह प्रदेश को कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जाए।


ये हुई प्रमुख घटनाएं

18 नवंबर— संस्कार वैली स्कूल के पीछे दो बाघों ने मिलकर एक बैल का शिकार किया। टीम ने जंगल की ओर खदेड़ा।

25 नवंबर— समसगढ़ में बाघ ने बाड़े में बंधे बछड़े पर हमला कर किया घायल। कर्मचारी के आने पर जंगल में भागा।

26 नवंबर- समसगढ़ में ही फिर पहुंचा बाघ। बछड़े का शिकार करने खपरैल से बनी कुटिया पर चढ़ा।

28 नवंबर— कुंवर सिंह भिलाल नामक ग्रामीण की गाय पर हमला।

29- नवंबर— मेंढोरा और चीचली के आसपास कई जगह बाघ दिखा।


बाघ को जंगल में ही रोकने के लिए गश्तीदल तैयार किए जा रहे हैं। ये दल जंगल के उन खास बिंदुओं पर लगाए जाएंगे जो शहर से लगे होंगे। जहां से बाघ के शहरी इलाकों में प्रवेश करने की संभावना अधिक रहती है।

- एसपी तिवारी, एसएफ भोपाल



ये भी पढ़ें

image