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अचानक कैमरे के सामने आया बाघ, तब कहीं जाकर अब भी उसके मैनिट परिसर में होने की हुई पुष्टि

- बाघ के नए पगमार्क से उसके मूवमेंट का पता चल रहा है।- रात तीन बजे घूमता हुआ इंफ्रा रेड कैमरे में हुआ कैद।

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भोपाल। टाइगर (Tiger) अभी मैनिट परिसर (MANIT campus) में ही है। शुक्रवार रात तीन बजे वह इंफ्रा रेड कैमरे (infra-red camera) में कैद हुआ है। अभी तक वह तीन गायों का शिकार कर चुका है। उसने एक शिकार को पूरा खाया भी। शनिवार को वन विभाग डीएफओ आलोक पाठक ने टीम के साथ मैनिट परिसर (MANIT campus) में निरीक्षण किया। यहां पूरे खाया हुआ शिकार मिला। बाघ (Tiger) के नए पगमार्क भी मिले। इससे उसके मूवमेंट का पता चल रहा है।

इसके बाद से ही मैनिट परिसर (MANIT campus) से गायों को हटाने का सिलसिला शनिवार को शुरू कर दिया है। नगर निगम की टीम ने पहले दिन 30 से अधिक गायों को यहां से हटाया गया। बताया जा रहा है कि यहां 500 से अधिक गाय हैं। मैनिट परिसर में रहने वाले कर्मचारियों ने इन्हें पाला हुआ है।

वन विभाग के अफसरों का कहना है कि शहरवासियों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बाघ (Tiger) वनक्षेत्र में ही है। मैनिट के लिए भी गाइडलाइन जारी की जा चुकी है और वन वाले हिस्से को अलग कर दिया गया है। मैनिट (MANIT) से गाय हटाईं जा रही हैं, ताकि बाघ (Tiger) यहां स्थायी डेरा न डाले और आगे बढ़ जाए।

खदेड़ने के लिए हांका का प्रयोग
बाघ को मैनिट केंपस ( Tiger in MANIT campus) से खदेड़ने के लिए हाँका लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में जहां बाघ (Tiger) मौजूद होता है, उसके तीन दिशाओं में 1 कर्मी होते हैं, जो आवाज निकालते हैं, ताकि बाघ (Tiger) खुली हुई चौथी दिशा से बाहर निकल जाए। आमतौर पर इसके लिए हाथी की मदद ली जाती लेकिन वन विभाग पास भोपाल में हाथी नहीं है। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि इंतजार कर रहे हैं कि बाघ (Tiger) खुद ही निकल जाए। निगरानी कड़ी कर दी गई है। बाघ (Tiger) यदि नहीं निकलता है, तो आगे की योजना तय की जाएगी।

रातापानी अभयारण्य से कठोतिया होता हुए बाघ देवास के पास खिरनी वनक्षेत्र तक भ्रमण करता है। कठोतिया से भोपाल के चंदनपुरा, मेंडोरा- मेंडोरी कलियासोत वनक्षेत्र में ये ठहरता है। इसका कॉरीडोर काफी पुराने समय से तय है। शासन को चाहिए कि एक बार फिर से इसे चिन्हित करें और सुनिश्चित करें कि कॉरीडोर में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। बाघ की राह में जो फेंसिंग या दीवारें व निर्माण हैं उसे हटाना चाहिए।
- एसपी तिवारी, रिटायर्ड सीसीएफ

भोपाल के आसपास कलियासोत वनक्षेत्र में पांच बाघों का भ्रमण: वन विभाग के अफसरों का कहना है कि वाल्मी में जो बाघ नजर आया था और मैनिट परिसर में जो बाघ है दोनों की उम्र दो साल के अंदर ही है, लेकिन दोनों अलग हैं। दोनों के पगमार्क में अंतर है। ये दोनों नर बाघ हैं और दोनों बाघ टी-1 और बाघिन टी-2 की पांचवीं पीढ़ी की के शावकों में से है। वन विभाग इसको लेकर डिटेल स्टडी कर रहा है, साथ ही विभाग की पांच टीमें आस-पास बाघ की सुरक्षा में लगाई गई हैं।

10 ट्रैप कैमरे लगाए
बाघ की सुरक्षा के लिए मैनिट परिसर के अंदर 10 ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन के सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। 50 से ज्यादा वन कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। इनमें से दो टीम दिन में और दो टीम रात में गश्त कर रही हैं। बाघ युवा है और शिकार की तलाश में घूम रहा है।

दूर करेंगे छात्रों का डर - फॉरेस्ट ऑफीसर
बाकी मौजूदगी को लेकर मैनिट के छात्रों में कई तरह की चर्चा है कुछ छात्र डरे सहमे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रविवार से शिविर लगाकर छात्रों का डर दूर करेंगे।

भोपाल सामान्य वन मंडल ने कॉलेज प्रबंधन से कह दिया है कि बाघ की मौजूदगी 1 किलोमीटर दूर है, इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। क्लासेस चालू रहने दी जाए बस तलाब वाले हिस्से में किसी को न जाने दें।