1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिकॉर्ड की ओर पेट्रोल, सीएनजी को बढ़ावा देने आदमपुर बायो प्लांट जल्द शुरू करने के साथ और प्लांट की जरूरत

- 320 कार या 42 बसों की जरूरत पूरी हो सकेगी इस प्लांट से, बैरागढ़ व अन्य 5 स्थानों पर और लगने हैं प्लांट, लेकिन रफ्तार स्लो - राजधानी के 15 पेट्रोल पंपों पर अभी होती है हर माह 1000 हजार केजी बायो सीएनजी की खपत, सबसे ज्यादा ऑटो में खप रही

2 min read
Google source verification
रिकॉर्ड की ओर पेट्रोल, सीएनजी को बढ़ावा देने आदमपुर बायो प्लांट जल्द शुरू करने के साथ और प्लांट की जरूरत

रिकॉर्ड की ओर पेट्रोल, सीएनजी को बढ़ावा देने आदमपुर बायो प्लांट जल्द शुरू करने के साथ और प्लांट की जरूरत

भोपाल. पेट्रोल 110.27 रुपए पहुंच गया है जो अपने रिकॉर्ड पर है। ऐसे में सरकार को सीएनजी को बढ़ावा देने के लिए आदमपुर में लगे सीएनजी प्लांट जैसे और प्लांटों को लगाकर इनसे जल्द उत्पादन शुरू करा देना चाहिए। वाहनों का फोकस भी पेट्रोल डीजल की जगह सीएनजी बेस्ड करना चाहिए। तब कहीं महंगाई की मार झले रही जनता को कुछ राहत मिल सकती है। वर्ना पेट्रोल के दाम ऐसे ही बढ़ते रहेंगे और जनता पिसती रहेगी। शहर में सात जगह सीएनजी प्लांट प्रस्तावित हैं, जिनमें आदमपुर और बैरागढ़ में काम शुरू हुआ है। रफ्तार इतनी स्लो है कि आदमपुर में ही अभी काम पूरा होता नहीं दिख रहा।

पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम और पर्यावरण की दृष्टि से आने वाला समय बायो सीएनजी का है। इससे तीन फायदे हैं, पहला तो ये कि ये वर्तमान में 45 रुपए केजी है। दूसरा पर्यावरण को इससे न के बराबर नुकसान होता है। तीसरा ये गैस जिस प्लांट में बनती है, वहां इसका कचरा कम्पोस्ट खाद के रूप में बाहर आता है। राजधानी में आदमपुर छावनी में 30 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीले कचरे से 6400 केजी सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। शासन को इससे 2.43 करोड़ बचत का अनुमान है। लेकिन अभी तक ये शुरू नहीं हो पाया है। निगमायुक्त ने निरीक्षण का इसे तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शहर में संचालित हो रही वाहनों की संख्या को देखते हुए प्लांट की क्षमता कम है। जानकारों की मानें तो इस प्लांट से प्रतिदिन 320 कारें या 42 बसों की जरूरत ही पूरी हो सकती है। ऐसे में इस प्लांट से बीआरटीएस में संचालित हो रही बसें ही चल जाएं तो बड़ी बात होगी। राजधानी में बगरोदा में सीएनजी का एक प्लांट लगा है, लेकिन वो निजी फैक्ट्री को सीएनजी सप्लाई करता है।

हर माह में एक हजार केजी सप्लाई
शहर में अभी आईओसीएल, एचपीसीएल के 15 सीएनजी पंपों पर हर माह एक हजार केजी सीएनजी वाहनों में डाली जाती है। अधिकांश सीएनजी उज्जैन से टैंकरों की मदद से एक निजी कंपनी से लेते हैं।

15 साल पुराने वाहन पर प्रतिबंध जरूरी

सरकार ने जिस तरह ऑटो में सीएनजी को प्राथमिकता दी है, अगर उसी प्रकार कार, बस अन्य वाहनों में सीएनजी को प्राथमिकता दे, डीजल, पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों को प्रतिबंधित कर दें तो पर्यावरण में सुधार तो होगा ही। सीएनजी को बढ़ावा मिलने शासन की सीएनजी पंप बढ़ाने की योजना को भी लाभ पहुंचेगा।

वर्जन
सरकार को बढ़ावा देना होगा

सीएनजी की खपत अभी ऑटो में ज्यादा है, कारों में कम है। इसकी खपत को बढ़ाने के लिए दिल्ली की तर्ज पर सरकार को 15 साल पुराने पेट्रोल डीजल वाहनों को बंद कर सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देना होगा। पर्यावरण के दृष्टि से भी से बेहतर है। राजधानी में 15 पंपों पर हर माह एक हजार केजी सीएनजी की खपत है।

अजय सिंह, अध्यक्ष, मप्र पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन

वर्जन
आदमपुर सीएनजी प्लांट को शुरू कराने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं, दो दिन पहले की हमनें निरीक्षण कर जल्दी काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

केवीएस चौधरी, निगमायुक्त

फैक्ट फाइल

सीएनजी-45 रुपए केजी

ऑटो 10 से 12 केजी: 200 किमी का रन (औसत )
कार: 15 से 20 केजी 270 किमी रन (औसत )

बस: 150 से 200 केजी: पांच शहरों को प्राथमिकता