29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कलियासोत के ग्रीनबेल्ट से कब्जा हटाने का आज अंतिम दिन, नोटिस से मचा हड़कंप, रहवासी पूछ रहे- जब अनुमति ली हैं तो अवैध कैसे

नगर निगम ने 653 नोटिस जारी किए लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की, अब समय सीमा खत्म होने के बाद शुरू होगी कार्रवाई, 15 जनवरी तक एनजीटी को देना है रिपोर्ट

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Sunil Mishra

Dec 31, 2023

kaliasot_river_bhopal.jpg

कलियासोत नदी से 33 मीटर दायरे में निर्माणों पर कार्रवाई का रविवार को अंतिम दिन है। एनजीटी ने निगम प्रशासन को 31 दिसंबर तक कार्रवाई कर 15 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निगम ने 31 दिसंबर तक मेपआइटी के ड्रोन सर्वे के आधार पर करीब 653 नोटिस जारी किए हैं, लेकिन कार्रवाई एक पर भी नहीं की है। निगम ने 31 दिसंबर तक इन लोगों को खुद ही अपना निर्माण हटाने का समय दिया था। इसके बाद तोड़ने की कार्रवाई करने की बात कही गई है। निगम की ओर से सहायक यंत्री अर्जुनसिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। सिंह ने खुद मौके पर जाने की बजाय स्टॉफ सदस्यों की ड्यूटी लगाई और वे ही नोटिस भी दे रहे हैं। अब 15 जनवरी को एनजीटी में निगम प्रशासन क्या रिपोर्ट देगा, यह बड़ा सवाल है।
निगम के नोटिस के बीच सबसे ज्यादा परेशान उन भवनों के रहवासी है जिन्हें कोलार नगर पालिका के समय में नदी से 30 मीटर के बाद निर्माण की अनुमति जारी हुई थी। वे एक ही सवाल कर रहे हैं, हमने तो अनुमति लेकर निर्माण किया तो अब ये क्यों नोटिस दे रहे और क्यों हमारा घर तोड़ेंगे। ऐसे करीब 250 से अधिक फ्लैट हैं। सागर प्रीमियम से लेकर भूमिका रेसीडेंसी और अन्य प्रोजेक्ट के रहवासी परेशान हैं। इस समय उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अपनी बात किसके सामने रखें। हालांकि विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनकी समस्या को देखते हुए कलेक्टर और निगमायुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।

सीमांकन के बाद लगाए लाल निशान
कलियासाेत नदी के 33 मीटर दायरे का प्रशासन की टीम ने सीमांकन किया है। इस दायरे में जो निर्माण आ रहे हैं उन पर नगर निगम की टीम ने लाल निशान लगा दिए हैं। सर्वधर्म में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हैं, जहां 17 मल्टी, 90 से ज्यादा झुग्गी, 45 पक्के मकान, एक धार्मिक स्थल बना हुआ है। जेके से सलैया तक भी कई भवन इसके दायरे में आ रहे हैं। कुछ डेयरियां और शेड वाले कब्जे भी हैं।