
कलियासोत नदी से 33 मीटर दायरे में निर्माणों पर कार्रवाई का रविवार को अंतिम दिन है। एनजीटी ने निगम प्रशासन को 31 दिसंबर तक कार्रवाई कर 15 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निगम ने 31 दिसंबर तक मेपआइटी के ड्रोन सर्वे के आधार पर करीब 653 नोटिस जारी किए हैं, लेकिन कार्रवाई एक पर भी नहीं की है। निगम ने 31 दिसंबर तक इन लोगों को खुद ही अपना निर्माण हटाने का समय दिया था। इसके बाद तोड़ने की कार्रवाई करने की बात कही गई है। निगम की ओर से सहायक यंत्री अर्जुनसिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। सिंह ने खुद मौके पर जाने की बजाय स्टॉफ सदस्यों की ड्यूटी लगाई और वे ही नोटिस भी दे रहे हैं। अब 15 जनवरी को एनजीटी में निगम प्रशासन क्या रिपोर्ट देगा, यह बड़ा सवाल है।
निगम के नोटिस के बीच सबसे ज्यादा परेशान उन भवनों के रहवासी है जिन्हें कोलार नगर पालिका के समय में नदी से 30 मीटर के बाद निर्माण की अनुमति जारी हुई थी। वे एक ही सवाल कर रहे हैं, हमने तो अनुमति लेकर निर्माण किया तो अब ये क्यों नोटिस दे रहे और क्यों हमारा घर तोड़ेंगे। ऐसे करीब 250 से अधिक फ्लैट हैं। सागर प्रीमियम से लेकर भूमिका रेसीडेंसी और अन्य प्रोजेक्ट के रहवासी परेशान हैं। इस समय उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अपनी बात किसके सामने रखें। हालांकि विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनकी समस्या को देखते हुए कलेक्टर और निगमायुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।
सीमांकन के बाद लगाए लाल निशान
कलियासाेत नदी के 33 मीटर दायरे का प्रशासन की टीम ने सीमांकन किया है। इस दायरे में जो निर्माण आ रहे हैं उन पर नगर निगम की टीम ने लाल निशान लगा दिए हैं। सर्वधर्म में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हैं, जहां 17 मल्टी, 90 से ज्यादा झुग्गी, 45 पक्के मकान, एक धार्मिक स्थल बना हुआ है। जेके से सलैया तक भी कई भवन इसके दायरे में आ रहे हैं। कुछ डेयरियां और शेड वाले कब्जे भी हैं।
Updated on:
31 Dec 2023 01:09 am
Published on:
31 Dec 2023 01:08 am
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