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आज देना होगा जवाब, क्यों नहीं हटा पा रहे अतिक्रमण में बनी दुकानें!

स्वास्थ्य विभाग की ब्यावरा स्थित रोकस की जमीन पर अतिक्रमण में बनी आठ दुकानों को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट में विभाग को जवाब देना है

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Rajgarh Capture of shopkeepers at the place of Patient Welfare Committee.

राजगढ़. स्वास्थ्य विभाग की ब्यावरा स्थित रोकस की जमीन पर अतिक्रमण में बनी आठ दुकानों को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट में विभाग को जवाब देना है कि आखिर क्या कारण है कि अतिक्रमण में बनी दुकानों को हटाया नहीं जा सका। उल्लेखनीय है कि दुकानों को हटाने के लिए हर सीएमएचओ द्वारा पुलिस हो या प्रशासन सभी को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन निर्माण से लेकर दुकानें पूरी तरह जम जाने तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और अतिक्रमण हटाने के नाम पर इतना जरूर है कि एक बार खुद तत्कालीन सीएमएचओ अनुसूया गवली मौके पर पहुंची थी। लेकिन अतिक्रमणकर्ताओं ने हंगामा कर उन्हीं के वाहन को घेर लिया था। बावजूद इसके उन्होंने लगातार पत्राचार कर स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के प्रयास किए। लेकिन राजनीतिक दबाव में कोई जिम्मेदार आगे नहीं आया। इसके लिए स्थानीय प्रबंधन चाहे स्वास्थ्य विभाग हो, नगरपालिका हो या फिर राजस्व अमला। सभी इस मामले में चुप्पी साध जाते हैं।

छह माह से जवाब के लिए समय मांगा
अवैध रूप से किए जा रहे अतिक्रमण के मामले में प्रशासन लगातार मूकदर्शक बनकर देखता रहा और दुकानों का निर्माण होता गया। इस अवैध निर्माण को लेकर 29 नवंबर 18 को न्यायालय में याचिका दर्ज की गई। इसको लेकर कई बार तारीखें लगीं और तारीख बढ़वाने अधिकारी इंदौर के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।

...तो ब्यावरा में क्यों चुनाव की दुहाई
चार दिन पहले कलेक्टर निधि निवेदिता पचोर पहुंची थी और वहां जाम की स्थिति निर्मित हो रही थी। क्योंकि अतिक्रमण से सड़कें संकरी हो गई थीं। ऐसे में कलेक्टर ने तुरंत तहसीलदार और सीएमओ को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया। दूसरे दिन ही कई जगह से अतिक्रमण हटा दिया गया। लेकिन ब्यावरा की यदि बात करें तो मामला न्यायालय में होने के बावजूद यहां अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे और हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर मामले को टाल दिया जाता है। लेकिन आज इंदौर उच्च न्यायालय में विभाग को अतिक्रमण नहीं हटाने संबंधी जवाब प्रस्तुत करना पड़ेगा।

&हमने एसडीएम को पत्र लिखा है। इससे पहले भी कार्यालय से पत्र जा चुके है। जिसमें एफआईआर तक का जिक्र है। हम खुद यह अतिक्रमण नहीं हटा सकते। राजस्व विभाग का सहयोग जरूरी है।
एसएस गुप्ता, सीएमएचओ राजगढ़
&मामला मेरी जानकारी में है, लेकिन इस संबंध में एसडीएम ज्यादा बेहतर तरीके से बता पाएंगे।
निधि निवेदिता, कलेक्टर राजगढ़