
भीमबेठका जैसी कई विश्व धरोहरों को भी है उम्मीद...।
बजट में 50 पर्यटन स्थलों को मिशन मोड मेें पर्यटन पैकेज के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि मप्र के विश्व धरोहर स्थल भीम बेटका, सांची, खजुराहो के अलावा मांडू, महेश्वर, भेड़ाघाट, ओरछा, ग्वालियर का किला, अमरकंटक, चीतों का नया घर कूनो नेशनल पार्क जैसे स्थल भी चमक सकते हैं। मप्र में पर्यटन क्षेत्र में काफी काम हुआ है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आए मेहमानों ने भी इसे सराहा है। योजना के तहत पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ेंगी। इससे देशी-विदेशी पर्यटक आकर्षित होंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। राजस्व में भी वृद्धि होगी।
आम बजट से मध्यप्रदेश के लिए सबसे ज्यादा उम्मीदें एमएसएमई और स्टार्टअप जगत की बढ़ी हैं। इसके अलावा कृषि प्रधान राज्य होने से मध्यप्रदेश के लिए खेती के बजट प्रावधान भी आत्मनिर्भरता का रास्ता खोलते हैं। मध्यप्रदेश में एमएसएमई इंडस्ट्री पर खास फोकस है। इस कारण इस क्षेत्र में युवाओं को सहारा मिलेगा। डिजिटल पुस्तकालय के कॉन्सेप्ट से प्रदेश की 23 हजार पंचायतों तक पुस्तकालय इंफ्रा की कनेक्टिविटी भी बनने का रास्ता खुला है। सात लाख रुपए तक आमदनी में छूट के प्रावधान से मप्र में तीन लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। निकायों, प्राधिकरण, निगम-मंडल इत्यादि के पांच लाख से ज्यादा कर्मियों को लाभ होगा। विभिन्न सेक्टर के प्रावधानों से मप्र के आत्मनिर्भर होने का रास्ता खुलेगा। पीवीटीजी मिशन मप्र के लिए बेहद अहम रहेगा। 5जी सेवा विस्तार के बजट में प्रावधान से प्रमुख शहरों में नेटवर्क के कामों में मदद मिलेगी। इंदौर-भोपाल सहित प्रमुख व धार्मिक-पर्यटन शहरों को वाई-फाई सिटी करना तय किया है। इसके लिए ज्यादा बजट मिल सकेगा।
एक जिला-एक उत्पाद: उत्पादों की ब्रांडिंग से मिलेगी नई पहचान, बढ़ेगा निर्यात
यूनिटी मॉल के प्रावधान से भोपाल में मॉल खुलने की संभावना बढ़ेगी। एक जिला-एक उत्पाद की योजना पर खूब काम हो रहा है। उत्पादों की ब्रांडिंग पर मप्र को फायदा मिलेगा।
बड़े शहरों के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड का प्रावधान बजट में किया गया है। इंदौर में इसका छोटे स्वरूप में प्रयोग किया गया है। अब आगे भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरोंमें म्युनिसिपल बॉन्ड का रास्ता खुलेगा।
प्राथमिकताः देशभर में अग्रणी रह सकता है हमारा मध्यप्रदेश पौधरोपण में
आत्मनिर्भर स्वच्छ पौध कार्यक्रम में मप्र को फायदा होगा। मध्यप्रदेश इसमें देशभर में अग्रणी रह सकता है।
कृषि के कर्ज को 20 लाख करोड़ तक बढ़ाने का फायदा मिलेगा। मप्र कृषि में आत्मनिर्भर कॉसेप्ट पर काम कर रहा है।
हर जिले में कॉलेज खुलने हैं। 6 जिलों का प्रस्ताव अभी है। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विवि के प्राध्यापक डॉ. भूपेंद्र कुमार सुल्लेरे के अनुसार इंजीनियरिंग संस्थानों में 5जी सेवाओं पर आधारित 100 लैब बनने से पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।
एक्सपर्ट बोले
आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति
नेट जीरो कमिटमेंट में योगदान देने वाले ऊर्जा संचार कार्यक्रमों के लिए 35000 करोड़ का खर्च सतत विकास में वृद्धि करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश 33% बढ़ाना सरकार की आगे बढ़ने की इच्छा शक्ति बता रहा है।
-दिनेश पाटीदार, चेयरमैन, फिक्की मध्यप्रदेश
सूबे के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कैंपिटल इन्वेस्टमेंट बढ़ाने से इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार ने इस बार टूरिज्म पर फोकस किया है। मध्यप्रदेश में हेरिटेज, वाटर और फॉरेस्ट टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
-मिहिर मर्चेन्ट, प्रेसिडेंट, सीआइआइ भोपाल जोन
पेंशनरों का आयकर खत्म करना था
वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम में राशि 4.5 से बढ़ाकर 9 लाख कर दी है। पेंशनरों को आयकर सीमा बढ़ाकर रियायत तो दी गई है, अच्छा तब होता जब पेंशनरों का आयकर पूरी तरह समाप्त कर दिया जाता।
-गणेश दत्त जोशी, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष पेंशनर्स एसो. मप्र
Updated on:
02 Feb 2023 11:50 am
Published on:
02 Feb 2023 11:44 am
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