8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

क्षेत्रफल से दुकान का लायसेंस शुल्क

शहर के व्यापारियों- दुकानदारों की जेब से नगर निगम ट्रेड लायसेंस शुल्क तय करने की प्रक्रिया बदलकर वसूली कर रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification
क्षेत्रफल से दुकान का लायसेंस शुल्क: 45 हजार व्यापारियों से निगम 3.55 करोड़ रुपए वसूल रहा निगम, पहले से ढाई करोड़ रुपए ज्यादा

क्षेत्रफल से दुकान का लायसेंस शुल्क: 45 हजार व्यापारियों से निगम 3.55 करोड़ रुपए वसूल रहा निगम, पहले से ढाई करोड़ रुपए ज्यादा

शहर के व्यापारियों- दुकानदारों की जेब से नगर निगम ट्रेड लायसेंस शुल्क तय करने की प्रक्रिया बदलकर वसूली कर रहा है। व्यापार की श्रेणी की बजाय दुकान की स्थिति और क्षेत्रफल को वसूली का आधार बनाकर वसूली बढ़ाई है।

250 श्रेणियों में तीन में बदल दिया
- नगर निगम ने लायसेंस शुल्क के लिए 250 श्रेणियों को खत्म कर दिया। इसके बदल महज तीन श्रेणी बना दी। व्यवसायिक लायसेंस शुल्क की वसूली संबंधित जोनल व वार्ड प्रभारी को दे दिया गया। लायसेंस वित्तीय वर्ष के लिए जारी किया जाता है। ऑनलाईन प्रणाली के माध्यम से लायसेंस का नवीनीकरण की व्यवस्था है। निर्धारित अवधि के बाद 15 प्रतिशत अधिभार सहित राशि वसूलने का प्रावधान भी है। शहर के स्ट्रीट वेंडर्स (पथकर विक्रेता) को व्यवसायिक लायस ेंस शुल्क से म ुक्त रखा गया है।

ष्ठान को छोड़कर अन्य सभी पर यह दरें लागू होंगी।

कोट्स
विभिन्न श्रेणियों के अनुसार लायसेंस शुल्क की गणना व वसूली कठिन थी। क्षेत्रफल से ये आसान हो गया है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। प्रदेशभर में इसे लागू किया है ये वसूली में सुधार है।
- केवीएस चौधरी, निगमायुक्त