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कर्मचारियों को दें ट्रेनिंग जिससे समितियों में भ्रष्टाचार पर लगे अंकुश

कर्मचारियों को दें ट्रेनिंग जिससे समितियों में भ्रष्टाचार पर लगे अंकुश राजनीतिक आधार पर बिना योग्यता के सहकारी समितियों हुई भर्तियां
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भोपाल

•

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Ashok Gautam

•

Mar 06, 2019

Three years of punishment for the then Chief Municipal Officer

भ्रष्टाचार

भोपाल। पिछले 10-15 सालों में समितियों में बिना योग्यता और अनुभव के राजनीतिक आधार पर समितियों में भर्तियां की गई हैं। कार्य के अनुसार उनके पास योग्यता नहीं है, इन कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाए, जिससे समितियों में गड़बडिय़ां रोकी जाए और समितियों को भ्रष्ट्राचार से भुक्त किया जा सके।

यह बात सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने विभाग के अधिकारियों से कही। वे मंगलवार को मिंटो हाल में विपणन सहकारी संस्थाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और व्यवसाय उन्नयन की राज्य-स्तरीय कार्यशाला में किसान समृद्धि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सचिन यादव और प्रमुख सचिव सहकारिता अजीत केसरी विशेष रुप से उपस्थित थे।

डॉ सिंह ने कहा कि हर सोसायटी के लेन-देन की मानीटरिंग कम्प्यूटराइज्ड हो, जिससे समितियों में होना वाला भ्रष्टाचार को रोका जा सके। क्योंकि किसान कर्जमाफी के दौरान बहुत सारी गड़बडिय़ां उजागर हुई हैं।

उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीदी के बाद ट्रांसपोर्टर समय पर अनाज नहीं उठाते हैं, बारिश में अनाज भींगने के बाद उसकी हानि समितियों पर थोप दी जाती है, हानि की राशि ट्रांसपोर्टरों से वसूल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पीडीएस का काम विपणन संघ से छीन कर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को दिया गया है। निगम यह काम खुद करने के बजाय ठेकेदारों को दे देता है। अगर यह काम संघ के माध्यम से कराया जाता तो यह मुनाफा ठेकेदारों को न मिलकर संघ को होता।
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करोड़ों की मशीने खरीदी पर नहीं हुआ मिट्टी परीक्षण
मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने मिट्टी परीक्षण के लिए जगह-जगह केन्द्र खोले थे, मशीने भी वहां खरीद ली गईं थीं। लेकिन मिट्टी परीक्षण का काम आज तक चालू नहीं किया गया।

उन्होंने कृषि मंत्री सचिन यादव से कहा कि मिट्टी परीक्षण का काम मार्केटिंग सोसायटियों को दिया जाए।

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नाप-तौल मशीनों की खरीदी में भारी भ्रष्टाचार

मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मंडियों में नाप-तौल की मशीनें खरीद कर लगाई गईं थी। कितनी बंद हैं और कितनी चालू हैं, यह जांच में पता चलेगा, लेकिन मशीन खरीदी में भारी भ्रष्टचार हुआ है।