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अनाज परिवहन से ट्रांसपोर्टरों ने हाथ खींचे

शिड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) का ट्रांसपोर्टर कर रहे हैं विरोध
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अनाज परिवहन से ट्रांसपोर्टरों ने हाथ खींचे

अनाज परिवहन से ट्रांसपोर्टरों ने हाथ खींचे

भोपाल. शासन के शिड्यूल के हिसाब से संभवत: 15 नवंबर से प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी होना है लेकिन अब तक अनाज (धान) परिवहन के लिए एमपी सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन और ट्रांसपोर्टरों के बीच अनुबंध नहीं हुए है। पूर्व में दो साल के लिए जो अनुबंध हुए थे, उसमें दिए गए रेट और वर्तमान में शिड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के तहत दिए गए रेट में काफी अंतर होने से परिवहनकर्ता पीछे हट गए हैं। उनका कहना है कि जो रेट उन्हें दिया गया, उसी दर पर वे परिवहन करेंगे। ऐसी स्थिति में फिलहाल धान खरीदी और उसके परिवहन के काम में दिक्कतें खड़ी हो सकती है।
दरअसल समर्थन मूल्य पर सोसायटियों के माध्यम से खरीदे जाने वाले अनाज (धान) के परिवहन के लिए वर्ष 2019-21 के लिए टेंडर हुए थे।

एक वर्ष इस अनुबंध के तहत परिवहनकर्ताओं ने काम भी किया लेकिन इस बीच कॉर्पोरेशन ने एसओआर पर परिवहन का फरमान जारी कर दिया। बताया जाता है कि पूर्व में शहर के अंदर (1 से 8 किलोमीटर) तक एवरेज 23.50 रुपए रेट पड़ता था, जिसे एसओआर के अंतर्गत 1.21 रुपए कर दिया गया। इससे ट्रांसपोर्टर नाराज हो गए। इसे देखते हुए पुराने टेंडर ही निरस्त कर दिए गए। अब नए टेंडर एसओआर के नाम से मंगाए जा रहे हैं, जिस पर ट्रांसपोर्टर सहमत नही हैं। उनका कहना है कि कॉर्पोरेशन ने उनका पुराना भुगतान ही नहीं किया। एसओआर सिस्टम उचित नहीं है। इस सिस्टम पर वे काम नहीं कर सकते।


धान खरीदी की डेट अभी तय नहीं हुई है लेकिन परिवहन के लिए री-टेंडर हो रहे हैं।

अभिजीत अग्रवाल, प्रबंध संचालक
मप्र सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन

मप्र सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने प्रति किलोमीटर और प्रति टन का रेट डाला है, वह मंजूर नहीं है। अब एसओआर के तहत टेंडर जारी करने की बात कहीं जा रही है। इस पर कोई भी ट्रांसपोर्टर काम करने को तैयार नहीं है।
डीएस चौहान, कोषाध्यक्ष

एमपी फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन