Treatment according to Zodiac Sing,homeopathy,jyotish vidya sagar,bhopal,doctor chandel
भोपाल। 'होम्योपैथी में रोग का नहीं रोगी का इलाज होता है। आप जानते होंगे कि ज्योतिष विद्या के हिसाब से बारह राशियां होती हैं। मैंने अपने 15 साथियों के साथ वर्षों के अध्ययन के बाद यह चार्ट तैयार किया है। इसमें यह बताया गया है कि हर राशि का अलग साल्ट होता है और उसी साल्ट की कमी के कारण व्यक्ति के बीमार होने की संभावना रहती है।
हम हमारे विशेष चार्ट के हिसाब से देखकर रोगी की पूरी कुंडली जान जाते हैं।Ó यह कहना है धर्मार्थ होम्योपैथी चिकित्सालय के अध्यक्ष डॉ. डीएस चंदेल का। उन्होंने बताया कि ज्योतिष विद्या और होम्योपैथी को जोड़कर हम रोगी की सारी जानकारी लेते हैं। चार्ट के अनुसार उसकी राशि में उसकी प्रवृत्ति और प्रकृति का अध्ययन कर उसका समाधान ढंूढते हैं।
वर्षों की मेहनत का नतीजा
डॉ. चंदेल ने बताया कि डॉ. मानिकलाल श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कायकारिणी सदस्य (हमाई), गोपाल भटनागर, प्रिंसिपल, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (हमाई) भोपाल व मेरे साथ 15 डॉक्टर्स की टीम ने वर्षों के रिसर्च के बाद इस पर महारत हासिल की है।
ये हैं बारह साल्ट
1. Calc. Flour
2. Calc. Phos
3. Calc. Sulph
4. Ferr. Phos
5. Kali. Mur
6. Kali. Phos
7. Kali. Sulph
8. Mag. Phos
9. Natrum. Mur
10. Natrum. Phos
11. Natrum. Sulph
12. Silicea
ज्योतिष विद्या काफी मददगार
डॉ. चंदेल ने बताया कि ज्योतिष विद्या में जिस प्रकार व्यक्ति की प्रकृति उसके स्वभाव और प्रवृत्ति के बारे में तो पता चलता है ही साथ ही रोगों की भी जानकारी हस्त रेखा द्वारा मिल जाती है। इन्हीं सब बातों का अध्ययन कर हमने 12 राशियों के साथ होम्योपैथी को जोड़ कर वर्षों अध्ययन किया। तब कहीं जाकर हमारी टीम को इसमें सफलता मिली। हमने अब तक सैकड़ों रोगियों को जिनकी बीमारी एलोपैथी में ठीक नहीं हो पा रही थी।
हमने होम्योपैथी के द्वारा उन्हें पूर्णत: स्वस्थ किया। हां इसके लिए परहेज के साथ ही विल पावर और होम्योपैथी में विश्वास बेहद जरूरी है। यदि व्यक्ति हमारे परहेज के निर्देशों का सही तरीके से पालन करे तो बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है और इसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होता है खास बात ये है कि हमारे यहां चिकित्सा निशुल्क रहती है।